
मयंक की फाइल फोटो
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय के नौवीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी है। पुलिस के अनुसार, छात्र के शव के पास से बरामद सुसाइड नोट मिला है जिसमें इस घटना के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। हालांकि उसके परिवारजनों का आरोप है कि स्कूल में मोबाइल ले जाने और एक वीडियो बनाने के आरोप में उसे प्रताड़ित किया गया जिससे वो काफी क्षुब्ध हो गया था। अवसाद में आने के कारण उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मामले की तफ्तीश में जुट गई है। इस प्रकरण में स्कूल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई पर किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ।
बीएचयू कर्मचारी का बेटा था मयंक
लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धनपुर निवासी संतोष यादव बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में ही काम करते हैं। उनका 15 साल का बेटा मयंक केंद्रीय विद्यालय बीएचयू का छात्र था। संतोष की बड़ी बेटी तनीषा भी उसी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढती है। घर वालं का कहना है कि मयंक रविवार की रात घर की छत गया और लोहे के एंगल के सहारे नारियल की रस्सी का फंदा बना कर फांसी पर झूल गया।
माता-पिता को अपमानित करने का आरोप
सोमवार को मयंक का शव लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के शव गृह पहुंचे परिवारजनों का कहना रहा कि उनका बेटा एक दिन मोबाइल लेकर स्कूल गया था। इसके चलते उसे एक हफ्ते के लिए कक्षा से निलंबित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मयंक के निलंबन के बारे में जानने के लिए उसके माता-पिता स्कूल गए तो उन्हें भी अपमानित किया गया।
'बच्चे के शव के पास सुसाइड नोट मिला है। उसने किसी को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। बच्चे का शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। उसके पिता और बहन के आरोपों की जांच कर तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"-बृजेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर लंका
Published on:
01 Aug 2022 04:47 pm
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