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BHU के विज्ञान संकाय का “एकाग्र आरोहण समारोह”: विद्यार्थियों ने साबित की कला-संस्कृति में अपनी दक्षता

कला-संस्कृत पर किसी का एकाधिकार नहीं है। ये नैसर्गिक प्रतिभा है। कोई भी युवा या कोई मनुष्य विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहते हुए अपनी इस प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकता है। अपनी अलग पहचान बना सकता है। इसे साबित किया है बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों ने।

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बीएचयू के विज्ञान संकाय का सांस्कृतिक कार्यक्रम 'एकाग्र आरोहण' समारोह

बीएचयू के विज्ञान संकाय का सांस्कृतिक कार्यक्रम 'एकाग्र आरोहण' समारोह

वाराणसी. कहते हैं किताबी ज्ञान के साथ ही अगर बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचाना जाए, उसे तराशा जाए तो उनके व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास किया जा सकता है। वजह कि हर व्यक्ति के अंदर एक नैसर्गिक प्रतिभा होती है बस उसे अवसर की तलाश होती है, जैसे ही उसे कोई मंच मिलता है वो अपने अंदर छिपी उस प्रतिभा को सबके सामने ला कर अपने व्यक्तित्व की एक अलग छाप छोड़ता है। फिर अगर कोई महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की बगिया का पुष्प है तो उसके बारे में कहना ही क्या। हां! इस विश्वविद्यालय में संस्थापक महामना की अभिप्रेरणा से अब भी वो मंच उपलब्ध होता रहता है। ऐसे अनेक आयोजन होते है जिसमें विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपने अंदर छिपी अन्य खास प्रतिभा को उजागर करने का मौका मिलता रहता है। ऐसा ही एक मंच विज्ञान संस्थान के छात्र-छात्राओं को भी मिला, वो भी तीन साल बाद। यानी पूरा एक बैच पास हो कर निकल गया तब। ये मंच था बीएचयू के विज्ञान संस्थान का सांस्कृतिक कार्यक्रम "एकाग्र आरोहण"। महीने भर तक चले इस एकाग्र आरोहण कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ कर अपनी हिस्सेदारी प्रस्तुत की और ये साबित किया कि विज्ञान के विद्यार्थी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंचन शानदार-जानदार तरीके से कर सकते हैं।

विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों के इस सांस्कृतिक कार्यक्रम 'एकाग्र आरोहण' का समापन समारोह रसायन विभाग के एसएस जोशी हॉल में आकर्षक रंगारंग कार्यक्रम के बीच संपन्न हुआ। समारोह की प्रसंशा करते हुए विज्ञान संकाय प्रमुख प्रफ़ेसर मधुलिका अग्रवाल ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में विज्ञान के छात्र-छात्राओं से ही उम्मीद की जा सकती है कि वो समाज को वैज्ञानिक तरीक़े से शिक्षित करेंगे और देश की प्रगति में सहायक होंगे।

रसायन विभाग के एसएस जोशी हॉल में एकाग्र आरोहण के समापन समारोह का सफल संचालन बीज़ेडसी के रक्षिता और अक्षय ने किया। कार्यक्रम की शुरूवात महामना की तस्वीर पर माल्यार्पण और कुलगीत से हुआ। इस अवसर पर हिंदी विभाग के प्रो.वशिष्ठ अनूप ने अपनी नयी काव्य रचनाएं भी प्रस्तुत कीं।

समारोह की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया और स्मृति चिन्ह वितरित किए गए। विजेताओं की प्रतिभाओं की सराहना सभी ने मुक्त कंठ से की। वहीं जंतु विज्ञान के विभाग के अध्यक्ष प्रो एसके त्रिगुण ने प्रथम वर्ष के छात्रों को आशीर्वचन प्रदान किए। साथ ही उनके माधुर्य भविष्य की शुभकामनाएं दीं। एकाग्र समन्वयक प्रो ज्ञानेश्वर चौबे ने छात्र- छात्राओं को देश के समग्र विकास में आगे आने का आह्वान किया। आयोजन समिति के नवनीत सिंह, नूपुर श्रीवास्तव ,विशाखा यादव, हिमांगी शर्मा, राहुल ओझा, कमलेश बिश्नोई, दिव्यांश गौड़, सिमरन, वर्तिका राय आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ अभिषेक द्विवेदी ,‌ डॉक्टर राघव मिश्रा और डॉ अजीत खरवार प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


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