20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिना ईवीएम हुआ चुनाव तो CM योगी के प्रभाव वाले सात जिलों में बुरी तरह हारी भाजपा

मुख्यमंत्री, तीन मंत्री, नौ सांसद व 37 विधायकों ने मिलकर किया प्रचार फिर भी सीएम के गढ़ में जिता सके केवल 16 चेयरमैन

3 min read
Google source verification
Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ

धीरेन्द्र विक्रमादित्य गोपाल

गोरखपुर. ईवीएम वाले नगर निगमों में जहां सत्ताधारी भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की है वहीं बैलेट वाले क्षेत्रों में बीजेपी को विपक्षी दलों ने जोरदार पटखनी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर-बस्ती मंडल में निकाय की चेयरमैन वाली 49 सीटों में महज एक मेयर सहित महज 16 सीटों पर ही भाजपा के प्रत्याशी जीत दर्ज कर पाए हैं। आलम यह कि चेयरमैन पद के 16 ऐेेेसे प्रत्याशी रहे जिनको अपनी जमानत तक बचाने में सफलता नहीं मिल सकी है। नगर निगम क्षेत्र में भी भाजपा के 22 पार्षद प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी जमानत नहीं बच सकी है।


नगर निगमों में एकतरफा जीत पर जश्न मना रही भारतीय जनता पार्टी का नगर निकाय में प्रदर्शन सत्ता होने के बावजूद अगर आंकड़ों के मुताबिक तय करेंगे तो बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। गोरखपुर बस्ती मंडल में निकाय की कुल 49 सीटें हैं। इसमें एक नगर निगम की है। 11 नगर पालिका क्षेत्र है तो 37 नगर पंचायत क्षेत्र।
चुनाव बाद आए नतीजों पर अगर गौर करें तो सत्ताधारी दल को 49 सीटों में महज 16 सीट पर ही जीत हासिल हुई है। अगर प्रतिशत में देखें तो चेयरमैन सीटों पर जीत का प्रतिशत महज 32.65 है जो सामान्य दर्जे में पास भी नहीं कहा जा सकता है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में भी भाजपा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं कहा जा सकता। यहां मेयर की सीट तो भाजपा अपने कब्जे में बरकरार रखी हुई है लेकिन इस बार भी नगर निगम में बीजेपी बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में पार्षद जिताने में सफल नहीं हो सकी है। इस बार 70 वार्ड में केवल 27 पार्षद बीजेपी के हैं। अब निर्दलियों या दलबदलुओं से पांच साल भाजपा को काम चलाना पड़ेगा। सबसे अहम यह कि मुख्यमंत्री के शहर में बीजेपी के 22 वार्ड पार्षद प्रत्याशी इस बार अपनी जमानत नहीं बचा सके हैं। गोरखपुर जिले की आठ नगर पंचायत की सीटों में महज तीन पर बीजेपी प्रत्याशी को जीत हासिल हुई है। चेयरमैन पद के दो भाजपा प्रत्याशी अपनी जमानत तक बचाने में सफल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री के जिले में बसपा व पीस पार्टी भी एक-एक चेयरमैन बनाने में सफल रहे।


सबसे बुरा हाल तो सबसे अधिक सीटों वाली देवरिया जनपद का है। यहां दो नगर पालिका और नौ नगर पंचायत क्षेत्र है। एक नगर पालिका केवल देवरिया सदर में बीजेपी की अलका सिंह और लार नगर पंचायत से सरोज को जीत हासिल हुई है। जबकि नौ सीटों पर पार्टी की जबर्दस्त फजीहत हुई है। चेयरमैन पद की आठ सीटों पर तो बीजेपी प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके हैं। इस जिले में समाजवादी पार्टी को तीन, कांग्रेस व बसपा को एक-एक सीट पर सफलता मिली है। चार निर्दलीय भी चेयरमैन बनने में कामयाब हुए हैं।


कुशीनगर में दो नगर पालिका अध्यक्ष पद भाजपा का कब्जा हुआ है। जबकि एक नगर पालिका समेत पांच नगर पंचायत चेयरमैन की सीट पर बीजेपी हारी है। इसमें दो सीट पर जमानत तक नहीं बच सकी है।


महराजगंज जिले में एक नगर पालिका व दो नगर पंचायत चेयरमैन बीजेपी के जीत सके हैं। इस जिले में भी पार्टी के दो चेयरमैन प्रत्याशी जमानत गंवा बैठे हैं। यहां तीन सीटों पर निर्दलीय और एक पर कांग्रेस को जीत मिली है।


संतकबीरनगर में एक नगर पालिका व एक नगर पंचायत चेयरमैन की सीट पर भगवा फहरा है। जबकि बसपा व निर्दलीय के खाते में एक-एक सीट गई है।


सिद्धार्थनगर जिले में एक पालिका व एक पंचायत चेयरमैन बीजेपी का हुआ है। एक बीजेपी प्रत्याशी को जनता ने नकारते हुए जमानत भी जब्त करा दी है। यहां दो चेयरमैन समाजवादी पार्टी और एक बसपा व एक निर्दल बने हैं।


बस्ती में केवल नगर पालिका अध्यक्ष की सीट बीजेपी के खाते में गई है। एक सीट पर लड़ रही विधायक की पत्नी को अपनी जमानत गंवानी पड़ी है। इस जिले में दो समाजवादी, कांग्रेस-बसपा के एक-एक चेयरमैन हुए हैं।

गोरखपुर-बस्ती मंडल में भाजपा के सांसद-विधायक-मंत्री अधिक
गोरखपुर-बस्ती मंडल वैसे तो प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाला मंडल है लेकिन भाजपा के कई कद्दावर नेता इस क्षेत्र से ही आते हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी संसदीय सीटों पर बीजेपी के सांसद हैं। इस मंडल में 41 विधानसभा हैं जिसमें 37 विधायक भाजपा के ही जीते थे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान काबीना मंत्री सूर्य प्रताप शाही, बसपा से भाजपा में आए वर्तमान काबीना मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, काबीना मंत्री राजा जय प्रताप सिंह का कर्मक्षेत्र दोनों मंडल हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल भी गोरखपुर का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा बीजेपी से सांसद व विधायक रहे सभी माननीय अपने क्षेत्र में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। अगर दोनों मंडलों में निकाय की सीटों को देखें तो एक से दो निकाय क्षेत्र एक विधायक या मंत्री के विधानसभा में पड़ता है।





















































































जिले कुल सीटभाजपासपाकांग्रेस बसपा निर्दलअन्य
गोरखपुर94--131
देवरिया1123114-
कुशीनगर722--3-
महराजगंज73-1-3-
बस्ती51211--
संतकबीरनगर42--11-
सिद्धार्थनगर622-11-

ये भी पढ़ें

image