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लखनऊ शूटआउट, बीजेपी के पूर्व मीडिया प्रभारी ने कहा, पुलिस थाने में मत जाइयेगा, पुलिस के पास बंदूक है

ऐपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या से बैकफुट पर सीएम योगी सरकार, बीजेपी में भी घटना को लेकर दिख रहा रोष

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CM Yogi Adityanath and UP Police

CM Yogi Adityanath and UP Police

वाराणसी. लगता है कि भाजपा नेताओं को भी अब अपनी सरकार की पुलिस पर भरोसा नहीं रह गया है। लखनऊ में ऐपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस के कथित एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गयी है। विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के लोग भी पुलिस के कथित एनकाउंटर पर सवाल खड़ा करने लगे हैं। जिसके लिए सीएम योगी और उनके मंत्री अपनी पीठ थपथपाते नजर आते हैं। बीजेपी के काशी प्रांत के पूर्व मीडिया प्रभारी संजय भारद्वाज ने फेसबुक पर अपनी व्यथा लिखी है। घटना से दु:खी पूर्व मीडिया प्रभारी ने फेसबुक पर लिखा है कि एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस द्वारा की गयी हत्या बेहद पीड़ादायक, अब सोचसमझ कर ही थाने या चौकी जाइये, क्योंकि वहां पुलिस है और उनके पास बंदूक भी है।
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लखनऊ में कथित मुठभेड़ में विवेक तिवारी की हुई हत्या से सीएम योगी सरकार बैकफुट पर आ गयी है। इस घटना पर उन लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है जिन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी को मजबूत करने के लिए जीवन का बड़ा समय खर्च किया है। पूर्व मीडिया प्रभारी के फेसबुक पर वॉल पोस्ट करने के बाद उस पर प्रतिक्रिया आनी भी शुरू हो गयी। कई लोगों ने पूर्व मीडिया प्रभारी के पोस्ट को सही बताया है।
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मनपसंद का डीजीपी, थानों में अपनो की तैनाती, फिर भी मारे जा रहे निर्दोष
सीएम योगी आदित्यनाथ के मनपसंद अधिकारी को डीजीपी बनाया गया है। पुलिस थानों में खास लोगों को ही तैनाती मिल रही है इसके बाद भी पुलिस बेलगाम होती जा रही है। बड़ी बात है कि पहले तो कथित मुठभेड़ में एक निर्दोष व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी जाती है। पुलिस अधिकारी पहले मामले को दबाने का प्रयास करते हैं मीडिया में खबरे प्रसारित होने के बाद सिपाही पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की बात कही जाती है इसके बाद सिपाही आराम से पुलिस थाने में प्रेस कांफ्रेंस करता है इससे समझा जा सकता है कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी सरकार की आंख नहीं खुली और पुलिसिया मनमानी जारी रही।
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