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पूर्वांचल में नहीं टूट पाता जातिवाद का तिलिस्म, जानिए क्या है समीकरण

ठेठ पूर्वांचल की 127 सीटों में 52 सीटों पर जीत-हार तय करती हैं जातियां, बड़े नेता भी लेते हैं जाति और धर्म की बैशाखी का सहारा

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Jyoti Mini

Jan 07, 2017

up election 2017,

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अभिषेक श्रीवास्तव
वाराणसी. विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही एक बार फिर पूर्वांचल जातीयता और धर्म के दलदल में धंसता दिख रहा है। राजनीतिक दल हों या प्रत्याशी सभी धर्म और जाति के नाव पर चढ़कर चुनावी वैतरणी पार करना चाहते हैं। पार्टियां भी जाति और धर्म के आधार पर सीटों पर कैंडिडेट का निर्धारण करने में जुट गई हैं। प्रत्याशियों का नाम फाइनल करने से पहले दल इस बात से मुत्मईन होना चाहते हैं कि संबंधित सीट पर जातिगत फैक्टर क्या है, इसके बाद जीत-हार के प्रतिशत के आधार पर टिकट फाइनल होता है।

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दरअसल, यूपी की सत्ता के गलियारों का रास्ता पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर ही गुजरता है। राजनीतिक दलों के अनुसार ठेठ पूर्वांचल में 127 सीटें आती हैं। इनमें से 52 सीटों पर जीत-हार सिर्फ जाति और धर्म का समीकरण तय करता है। यही कारण है कि पूर्वांचल में सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अधिक प्रभावी होता है।
अगर जातिगत आंकड़ो की बात करें तो सबसे अधिक आबादी दलितों की है। इसके बाद आती हैं पिछड़ी जातियां और फिर ब्राह्मण और राजपूत। अगर धर्म के आधार पर बात की जाए तो मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका चुनाव में सबसे अहम होती है।

कुछ ऐसे समझें जाति और धर्म का गणित
राजनीतिक दलों ने जो जातिगत आंकड़े बनाए हैं, उसके तहत हरिजन, मुस्लिम और यादव मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। पटेल और राजभर कुछ सीटों पर निर्णायक भूमिका में हैं।

मुस्लिम-15 से 16 फीसदी
राजपूत -6 से 7
ब्राह्मण-9 से 10
यादव-13 से 14 प्रतिशत
दलित-20 से 21 प्रतिशत
निषाध-3 से 4
राजभर 3 से 4
सोनकर 1.5 प्रतिशत
नोनिया-2 से 3
कुर्मी-4 से 5 प्रतिशत
कुम्हार-2 से 3 प्रतिशत
मौर्या (कोयिरी)-4 प्रतिशत
अन्य-12 से 13 प्रतिशत
(नोट-जातिगत आंकड़े राजनीतिक दलों से बात के आधार पर)

जाति के आधार पर दायित्व सौंपती हैं पार्टियां...
राजनीतिक दलों ने यूपी चुनाव से पहले जो फिल्डिंग सजाई है, उसमें अपने योद्धाओं की नियुक्ति भी जातिगत आधार पर की है। कांग्रेस ब्राह्मण कार्ड खेल रही है, तो भाजपा दलित कार्ड खेलना चाहती है। ऐसे ही सपा ने भी नरेश उत्तम पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पटेलों को साधने की कोशिश की है।

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