सीबीएसई के नौवीं से बारहवीं तक के बच्चे इस नई पहल से रूबरू होंगे। सीबीएसई का तर्क है कि क्रासवर्ड कांटेस्टट के जरिए तर्कशक्तिति की क्षमता में वृद्धि, शब्दकोष समृद्धि, प्रश्न पत्र हल करने की योग्यता में वृद्धि, स्मरण शक्ति के विकास, लेखन व दिमाग की क्षमता का विकास हो सकेगा। इस नई विधा के जरिए छात्रों एवं शिक्षकों दोनों को आईएएस के पैटर्न से जोड़ा जाएगा। सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी भाषी क्षेत्र एवं हिंदी पट्टी वाले छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिहाज से ऐसा किया जा रहा है। इस नई पहल से बैंकिंग, एसएससी, रेलवे, सहित प्रतियोगी परीरक्षाओँ में शामिल होने वाले प्रतिभागियों के लिए नया माहौल मिलेगा।