वाराणसी. कचहरी में गहमागहमी के बीच सेंट्रल बार एसोसिएशन के हुए चुनाव में 62.40 प्रतिशत अधिवक्ताओं ने मतदान किया है। परिचय पत्र नहीं होने के चलते कई मतदाताओं को बैरंग वापस लौटना पड़ा है। महामंत्री पद के एक प्रत्याशी व वरिष्ठ समिति सदस्यों से बिना परिचय पत्र मतदान करने को लेकर नोकझोंक हुई। वरिष्ठ सदस्यों ने नियमों का हवाला देते हुए परिचय पत्र नहीं रखे लोगों को मतदान नहीं करने दिया। १3 दिसम्बर को बनारस बार के लिए मतदान होगा। इसके बाद १4 दिसम्बर को दोनों चुनाव का परिणाम आयेगा।
यह भी पढ़े:-बीजेपी मेयर ने संस्कृत में शपथ लेकर बदल दिया नगर निगम का इतिहास

कचहरी में सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सुबह से ही गहमागहमी देखने को मिली। सेंट्रल बार एसोसिएशन के भवन के भूतल पर आजीवन सदस्यों व प्रथम तल पर साधारण सदस्यों के लिए मतदान की व्यवस्था की गयी थी। वरिष्ठ समिति के अध्यक्ष दीनानाथ सिंह व समिति के सदस्यों ने पहले ही जानकारी दे दी थी कि बिना परिचय पत्र के किसी को मतदान नहीं करने दिया जायेगा। इसके बाद भी महामंत्री पद के एक प्रत्याशी व कई मतदाता बिना परिचय पत्र के ही मतदान करने पहुंच गये थे इसी बात को लेकर वरिष्ठ समिति के सदस्यों में नोकझोंक हुई, लेकिन उन्हें मतदान करने नहीं दिया गया।
यह भी पढ़े:-बीजेपी को झटका, मेयर ने ली दूसरे पद की शपथ
4290 ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग
सेंट्रल बार एसोसिएशन के 18 पद के लिए कुल 68 प्रत्याशी मैदान में है और मतदाताओं की कुल संख्या 6860 है। चुनाव के दिन कुल 4290अधिवक्ताओं ने ही मतदान किया है इस तरह वोटिंग का कुल प्रतिशत62.40 रहा। सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव के चलते अदालती कार्य ठप रहा। 13दिसम्बर को बनारस बार के चुनाव के चलते भी अदालत में कामकाज नहीं हो पायेगा। 14 दिसम्बर को दोनों चुनाव का परिणाम आने के बाद पता चलेगा कि किसी सिर पर विजय का सेहरा बंधता है।
यह भी पढ़े:-बीजेपी की मेयर का बड़ा ऐलान, वंदे मातरम के साथ होगी सदन की शुरूआत