सप्ताह व्यापी कार्यशाला में बच्चों द्वारा खुद के अनुभव अथवा कहानियों के आधार पर बड़े आकर्षक कॉमिक बनाये गए। चित्रों और कार्टून द्वारा उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, योग, स्वच्छता, महिला हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दों पर चकित कर देने वाले कॉमिक व कार्टून बनाए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों और बच्चो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।. प्रशिक्षक के रूप में दीन दयाल सिंह, वैभव चान्द्रायण, सूरज पाण्डेय और प्रवीण मौर्या ने बच्चो को रुचिकर ढंग से कार्टून और चित्र कथा बनाना सिखाया। यह प्रशिक्षण पूर्णतया निःशुल्क था।