
जिला महिला अस्पताल
वाराणसी. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन से हुए मासूमों की मौत के बाद भी बनारस के स्वास्थ्य महकमें ने कोई सबक नहीं लिया। शनिवार को वाराणसी के जिला महिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण तीन मासूम दो घंटे तक तड़पते रहे। डॉक्टरों की सूझ-बूझ के कारण मासूमों की जान बचाई गई। आधे घंटे तक जब ऑक्सीजन का कोई इंतजाम नहीं हुआ तब चिकित्सकों ने अंबू बैग का इस्तेमाल कर उनकी जान बचाई।
यह भी पढ़ें- जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोदी मंत्रिमण्डल में शामिल होने जा रहे इस नेता को हरवाने को लगाई थी ताकत
बतादें कि शनिवार को दोपहर में बनारस के जिला महिला अस्पताल की नियोनेटल केयर यूनिट में डॉ. रंगनाथ दुबे व उनके सहयोगी तैनात थे। दोपहर एक से दो बजे के बीच अस्पताल में भर्ती सारनाथ की प्रिंसी, शिवपुर की रिंकी और चोलापुर की सुनीता को प्रसव कराया गया। तीनों नवजातों की स्थिति गम्भीर थी। उन्हें एनएनसीयू में रेफर किया गया। वहां डॉक्टर ने नवजातों की हालत नाजुक देखते ही ऑक्सीजन देने का निर्देश दिया। लेकिन यूनिट में बिजली नहीं थी और ऑक्सीजन सिलेंडर का नोजल भी नहीं खुल रहा था। ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने की सूचना तत्काल अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (एसआइसी) को देने की कोशिश की जाने लगी। लेकिन काफी प्रयास के बाद भी आधे घंटे तक उनका मोबाइल नहीं उठा। हालांकि नवजातों की जान बचाने के लिए उन्हें ऑक्सीजन देना जरूरी था। एेसे में डॉक्टरों ने अबू बैग का इस्तेमाल किया।
यह भी पढ़ें- पीएम मोदी के मंत्रिमण्डल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह छोड़कर उमा भारती ने वाराणसी में डाला डेरा
ऑक्सीजन सिलेंडर में थी लीकेज
जिला महिला अस्पताल में सिलेंडर में लीकेज होने के कारण बच्चों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाया। जिससे बच्चों की हालत गम्भीर हो गई। चिकित्सकों ने आनन-फानन में अपने सूझ-बूझ से अबू बैग के सहारे मासूमों की जान बचाई। उसके बाद सिलेंडर की लीकेज दुरुस्त की।
Published on:
03 Sept 2017 01:17 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
