
CM Yogi Adityanath
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में विकास कार्यों का हाल जानने के लिए चार जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ आने वाले हैं। काशी में विकास के नाम पर जो खेल हो रहा है उसको लेकर अब सच्चाई सामने आने की लोगों को उम्मीद जाग गयी है। सीएम योगी के दौरे से पहले एक सवाल उठने लगा है। विकास कार्य की सही तस्वीर सीएम योगी देख पायेंगे या फिर बीजेपी के स्थानीय नेता व अधिकारी गोलमाल करके विकास कार्य में हो रहे खेल को छिपा लेंगे।
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केन्द्र से लेकर प्रदेश सरकार तक ने काशी के विकास के लिए तिजोरी का मुंह खोल दिया है इसके बाद भी लोगों को सही ढंग से लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय स्तर पर अधिकारी द्वारा योजनाओं की सही ढंग से मानीटरिंग तक नहीं हो रही है। हृदय योजना के तहत बन रहे हेरिटेज वॉक को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और शहर के नामी कलाकारों को धरना तक देना पड़ा था। कुंडों की सेहत सुधारने के नाम पर चल रही योजनाओं में भी खेल हुआ था और कमिश्रर ने खुद खराब गुणवत्ता वाले कार्य पर सभी को फटकार लगायी थी। गैस पाइप लाइन के लिए बिछायी जा रही पाइप को लेकर भी आरोप लगे हैं कि बिजली के भूमिगत तारों के बगल में ही गैस की पाइप लाइन बिछायी जा रही है जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। सड़क निर्माण में भी गुणवत्ता की अनदेखी हो रही है। सीएम योगी को विकास के नाम पर हो रहे खेल की कई शिकायत मिली है जिसके बाद ही उन्होंने रात में शहर का निरीक्षण करने की तैयारी की है अब देखना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ को कितनी सत्य दिखाया जायेगा।
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बीजेपी नेताओं की शिकायत पर काम करने वाले अधिकारियों को हो जाता है तबादला
भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वायदा करने वाली बीजेपी सरकार भी सपा की राह पर चल रही है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव की सरकार के समय दुर्गा शक्ति नागपाल को हटाये जाने का प्रकरण तुल पकड़ा था। दुर्गा शक्ति नागपाल ने अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोला था तो सपा सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था जिसको लेकर बीजेपी ने भी सपा पर जमकर हमला बोला था अब बीजेपी की राज में भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाले युवा आईएएस पुलकित खरे की बीजेपी नेता ने शिकायत की थी। वीडीए वीसी पद पर कार्य कर रहे पुलकित खरे ने वरूणा ग्रीन कॉरीडोर के बीच में आये अतिक्रमण तोडऩे के लिए सपा के पूर्व सांसद के होटल पर जेसीबी चलाया था, लेकिन बीजेपी नेता को सही कार्रवाई ठीक नहीं लगी और युवा आईएएस को हटवा दिया। जिस सरकार में बीजेपी नेताओं को खुश करने के लिए अधिकारियों को हटाया व तैनात किया जाता है उस सरकार के मुख्यमंत्री उन्हीं स्थानीय नेताओं के सहारे कितना विकास देख पायेंगे यह तो अब समय ही बतायेगा।
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Published on:
02 Jan 2018 12:26 pm
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