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सीएम योगी आदित्यनाथ को इन तीन अभियानों से मिली थी अलग पहचान, छह माह में ही ठंडे बस्ते में चली गयी योजना

अब पूरा हो रहा है कागजी कोरम, अधिकारियों की गलती के चलते बैकफुट पर आयी थी सरकार

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CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

वाराणसी. यूपी का सीएम बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने ताबड़तोड़ कई फैसले किये थे। देखते ही देखते कई अभियान चलने लग गये थे जिसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ की अलग पहचान बन गयी थी। अधिकारियों की लापरवाही के चलते यूपी सरकार के यह तीन अभियान अब ठंडे बस्ते में जा चुके हैं। सीएम योगी भी इनका नाम नहीं लेते हैं। अभियान के तहत अब सिर्फ कागजी कोरम ही पूरा हो रहा है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी की चुनावी सभा व अमित शाह की रणनीति के चलते बीजेपी का पहली बार 300 से अधिक सीटों पर जीत मिली। बीजेपी की जीत के साथ ही अखिलेश सरकार को जाना पड़ा। इसके बाद सीएम योगी को प्रदेश की कमान सौंपी गयी। यूपी का सीएम बनने से पहले गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ की पहचान फायर ब्रांड हिन्दू नेता के रुप में थी इसलिए लोगों का लग रहा था कि नयी सरकार जनता को राहत देने वाले बड़े निर्णय करेगी। सरकार ने निर्णय किया और उसका अनुपालन भी शुरू किया। यूपी सरकार ने कई अभियान चलाये थे लेकिन तीन ऐसे अभियान थे जिसको लेकर योगी सरकार सबसे अधिक चर्चा में थे।

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1-भू माफियाओं पर कार्रवाई
पीएम नरेन्द्र मोदी से लेकर बीजेपी के अन्य नेताओं ने यूपी की सत्ता में आने के बाद भूमाफिया पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था बीजेपी सरकार ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए टाप टेन भूमाफिया की सूची जारी की। साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने को कहा था लेकिन सूची जारी होने के बाद ऐसा कुछ हुआ कि सरकार अभियान की शुरूआत तक नहीं कर पायी। कुछ दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूची संशोधित करके अभियान चलाने की बात कही है लेकिन लोकसभा चुनाव २०१९ के पहले यह अभियान चलना कठिन दिख रहा है।
2-अवैध बूचड़खाने
यूपी में बीजेपी सरकार ने अवैध बूचडख़ाने पर सख्त कार्रवाई शुरू की थी। इसको लेकर कुछ लोगों ने बीजेपी का जबरदस्त विरोध भी किया था। शुरूआत में यह अभियान तेजी के साथ चला। इसके बाद अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिन अवैध बूचडख़ानों को सील कर दिया गया था उसमे से कुछ मे फिर से जानवारों को काटे जाने का काम शुरू हो गया। सरकार जब अभियान को लेकर सुस्त हुई तो पुलिस ने भी ऐसे मामलों में अपनी आंख बंद कर ली।
3-एंटी रोमियो स्क्वायड
सीएम योगी सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया है और मनचलों पर कार्रवाई शुरू की थी। शुरू में इस अभियान को बहुत तारीफ हुई थी लेकिन अभियान को लेकर पुलिस ने मनमाना रवैया अपनाना शुरू कर दिया। मनचलों पर इस अभियान का अधिक असर नहीं हुआ। इसके विपरित आम जनता ही पुलिस का शिकार होने लगी तो सरकार को लेकर लोगों की नाराजगी बढऩे लगी। इसके बाद अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज हालत यह है कि एंटी रोमियो स्क्वायड टीम तो बनी हुई है जो कभी कभी अभियान चला कर कोरम पूरा करने में जुटी है जबकि स्कूल से लेकर विश्वविद्यालयों में नया सत्र शुरू हो गया है इसके बाद भी अभियान को लेकर पुलिस प्रशासन ने कोई सक्रियता नहीं दिखायी।
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