संत कबीर के प्राकट्य स्थल लहरतारा ताल की दुर्दशा की खबर पत्रिका पर चलते ही स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों ने लिया संज्ञान, मिले कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से। बताई कबीर प्राकट्य स्थल की दुर्दशा। कैसे कोर्ट के आदेश को नजरंदाज कर रहा प्रशासन वह भी 12 साल से। कमिश्नर ने लिया संज्ञान, दिया आश्वासन,कहा शीघ्र होगी कार्रवाई।