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वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के चांसलर बनने की दौड़ में बीएचयू से जुड़े ही दो लोग शामिल है। इन दोनों के बीच जबरदस्त मुकाबला है। इसमें से एक तो खुद विश्वविद्यालय के संस्थापक परिवार से जुड़े हैं।
बता दें कि 2016 से ही रिक्त चल रहा है बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के चांसलर का पद। इसके लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इससे पहले देश के जाने माने विद्वान और कांग्रेस नेता डॉ कर्ण सिंह बीएचयू के चांसलर थे। यहां यह भी बता दें कि इस विश्वविद्यालय के चांसलर पद परलंबे अरसे तक पूर्व काशिराज डॉ विभूति नारायण सिंह चांसलर रह चुके हैं। डॉ कर्ण सिंह भी कई बार चांसलर बने।
सूत्रों के मुताबिक सोमवार को विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में चल रही बीएचयू कोर्ट की बैठक में जिन नामों पर चर्चा चल रही है उसमें महामना के प्रपौत्र जस्टिस गिरधर मालवीय और पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह का नाम आगे चल रहा है। हालांकि कोर्ट की बैठक पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अगर किसी के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो यह मुद्दा अगली बैठक तक भी टाला जा सकता है।
चांसलर के चयन को लेकर बीएचयू कोर्ट की बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू हो गई। विभिन्न राज्यों के 40 सदस्य इस कोर्ट के सदस्य के रूप में शामिल है। हालांकि बठैक में कोई भी सांसद शामिल नहीं हुआ। कार्यकारिणी परिषद के आठ सदस्य बैठक में शामिल हुए। वहीं शाम को ईसी की भी बैठक होने वाली है।
इस बीच ईसी की बैठक में भी भारी गहमागहमी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें रेक्टर की नियुक्ति भी खास मुद्दे में शामिल है। इस दौड़ में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. ए वैशम्पायन, आईएमएस के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला और जियोलॉजी विभाग के प्रो. रामाश्रय प्रसाद सिंह के नामों की चर्चा चल रही है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. वीएन मिश्र को बीएचयू कोर्ट का आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में रजिस्ट्रार कार्यालय से एक पत्र प्रो. मिश्र को भेजा गया है।
Published on:
26 Nov 2018 02:31 pm
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