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कांग्रेस नेता का पीएम मोदी पर गंभीर आरोप, कहा, तोड़ी परंपरा, किया काशी का अपमान
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कांग्रेस नेता का पीएम मोदी पर गंभीर आरोप, कहा, तोड़ी परंपरा, किया काशी का अपमान

कहा, सभी गैर धार्मिक कार्यों को दे रहे बढ़ावा, अभी मंदिर व देव विग्रह तोड़े जा रहे थे, सैकड़ों साल पुरानी रथयात्रा की परंपरा तोड़ी।

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वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से जाते ही कांग्रेसी मुखर हो गए। उन्होंने पीएम पर विधर्मी होने का आरोप लगाया, कहा कि सभी अधार्मिक कार्यों को ही बढावा दे रहे हैं प्रधानमंत्री। अब तक धर्म नगरी काशी में मंदिर और देव विग्रह तोड़े जा रहे थे, अब उससे भी आगे निकल कर सैकड़ों साल पुरानी रथयात्रा से जुड़ी परंपरा को तोड़ दिया। कहा कि अधार्मिक कृत्य को बढ़ावा देने के साथ ही उन महान विभूतियों का भी अपमान कर रहे हैं जिन्हें काशी में भगवाव विश्वनाथ का अवतार माना जाता है। वह जिधर से निकल जाएं जनता हर-हर महादेव का उद्घोष करती है।

राजातालाब के रथयात्रा मेले में तोड़ी प्राचीन परंपरा
ये बातें कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव में चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता अजय राय ने। मीडिया से मुखातिब अजय राय ने कहा कि काशी का राजातालब इलाका पूर्व काशीराज का बसाया हुआ क्षेत्र है। यहां सैकड़ों साल की परंपरा रही है कि रथयात्रा मेला की शुरूआत काशिराज करते हैं। वह खुद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के रथ को खींचते हैं। प्राचीन परंपरा के अंतर्गत इसका निश्चित समय है। लेकिन शनिवार को रथयात्रा मेले के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के लिए पुरानी परंपरा तोड़ दी गई। कहा कि राजातालाब के रथयात्रा मेले की शुरूआत परंपरागत रूप से शाम चार बजे शुरू होती है। पूर्व काशीराज परिवार के प्रतिनिधि कुंवर अनंत नारायण हर साल खुद रथ को खींचते हैं। लेकिन शनिवार को प्रधानमंत्री की सभा के नाम पर यह परंपरा तोड़ दी गई। भाजपा के 8-10 लोगों ने दिन के 10.30 बजे ही भगवान का रथ खींच कर उसे भैरो तालाब पहुंचा दिया जबकि यह रथयात्रा जब भी शुरू होती है हजारों श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। कहा कि काशी के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि राजातालब के रथयात्रा मेले में कुंवर अनंत नारायण नहीं पहुंचे। वह सुबह हुई घटना से काफी क्षुब्ध थे। काशी के नागरिक होने के नाते हम सभी इसकी निंदा करते हैं। इस पर क्षोभ जताते हैं।

पीएम ने जिसका किया लोकार्पण उनमें से कई पूरी ही नहीं हुईं
राय ने पीएम पर आरोप लगाया कि पीएम ने शनिवार को जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उसमें से कई परियोजनाएं ऐसी हैं जो या तो पूरी ही नहीं हुई हैं जो पूरी हुई हैं वहां आज भी ताला लटक रहा है। ऐसे ही उन्होंने एक स्वास्थ्य केंद्र का उदाहरण दिया, वीडियो क्लिप दिखाया और बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका है। न डॉक्टरों की तैनाती हुई है न पैरा मेडिकल स्टाफ की। कहा ये सस्ती लोकप्रियता अर्जित करने का काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री।

विश्वनाथ कॉरिडोर का ब्लू प्रिंट क्यों नहीं दिखाते
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का ब्लू प्रिंट आखिर क्यों नहीं दिखाया जा रहा। काशी के एक संत विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर तोड़े जा रहे मंदिरों और देव विग्रहों के विरोध में अनशन पर हैं। उनका अनशन शुरू हुआ तो प्रशासन शहर के प्रबुद्ध लोगों को क्षेत्र में ले जाकर आखिर क्या दिखा रहे हैं। ये काम पहले क्यों नहीं शुरू किया गया। अनशन के बाद ही क्यों। दरअसल मंदिर प्रशासन संत के अनशन से डरा हुआ है। फिर अगर पीएम को पता है तो वह काशी के इस संत से मिलने क्यों नहीं गए। काशी के लोगों से मिले तो उनसे भी मिलते, जानते क्या कहना है उनका।

चीनी झालरों से खूबसूरत नहीं होगी काशी
कांग्रेस नेता ने रात के अंधेरे में शहर का मुआयना करने की सीएम और पीएम की परिपाटी पर सवाल खड़ा किया। कहा कि ये रात में क्यों निकलते हैं। दिन के उजाले से इन्हें क्यों डर है। आप अगर जनता के प्रतिनिधि हैं तो दिन में निकलते, लोगों की भावना से अवगत होते। कहा कि चीनी झालरों से होने वाली सजावट से काशी खूबसूरत नहीं दिखने वाली। यहां पिछले चार साल से विकास कार्य ठप है।

अगर पूर्व की सरकारों के नुमाइंदों ने तिजोरी भरी तो क्यों नहीं कराते जांच
पीएम के बयान पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कांग्रेस विधायक ने कहा कि अगर पीएम को लगता है कि पूर्व की सरकारों के प्रतिनिधियों ने गंगा के नाम पर अपनी तिजोरी भरी तो चार साल में जांच क्यों नहीं कराई। जांच कराके दोषियों को जेल भेजते। फिर आपने क्या किया गंगा के लिए।

मां गंगा से है प्यार तो क्यों नहीं किया आचमन
उन्होंने कहा कि काशी के इतिहास में पहली बार मां गंगा ने घाट छोड़ दिया है। गंगा में जल ही नहीं रहा। सूख रही हैं गंगा। जो जल है वह जल नहीं नाले का दूषित पानी है। असलियत जाननी थी तो जाते गंगा किनारे और करते आचमन। जानते मां गंगा की हकीकत। ये दिखावा बंद करें।

 

Ajay Rai. Prjanath, Satish Rai, Anil Srivastav