
इंदिरा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते कांग्रेस नेता
वाराणसी. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, इंदिरा गांधी इतिहास निर्माता राष्ट्रनेत्री थीं। उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जहां विश्व की सबसे बड़ी युद्ध विजय भारत के खाते में दर्ज कराई और पाकिस्तान को खंडित कर बांग्लादेश बना दिया, वहीं भारत को परमाणु शक्ति बनाया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के इंगलिसिया लाइन स्थित जोन कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि बैंक राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति, श्वेत क्रांति और भूमि सुधार एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से जहां गांवों में विकास के नये युग की शुरुआत की। वहीं पूर्व नरेशों के प्रिवीपर्स एवं विशेषाधिकार उन्मूलन से भारतीय लोकतंत्र में राजशाही के बचे अवशेष भी ढहा दिये। वह गांव और गरीब के लिए काम की प्राथमिकता वाली नेता थीं।
उक्त अवसर इन्दिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और विचार रखने वालों में प्रो.सतीश कुमार राय, अंजली त्रिपाठी, बैजनाथ सिंह , शैलेंद्र सिंह, त्रिभुवन पाण्डेय, शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजयशंकर मेहता, पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार पाण्डेय, नवीन चौबे, हरीश मिश्रा, विपिन मेहता, आदर्श पाण्डेय, शुभम राय, मोहम्मद अरशद, शशि कान्त तिवारी, गणेश शंकर पाण्डेय, कल्पनाथ शर्मा, अशोक सिंह, प्रवेश मिश्रा बेटू, राजकुमार चतुर्वेदी, नागेन्द्र पाठक, अखिलेश पाण्डेय,कमला कान्त पान्डेय आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के पूर्व चेयरमैन बैजनाथ सिंह ने और संचालन शैलेन्द्र सिंह ने किया।
उधर ज़िला व शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गांधी जी की 130 वीं जयंती “इंदिरा गांधी के सपनों का भारत” विषयक गोष्ठी के रूप में मनायी गयी। कांग्रेसजनों ने इंदिरा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए बताया कि देश के विकास के लिए उन्होंने बैंकों का राष्ट्रीय करण ओर राजाओं का प्रिविपर्स समाप्त कर ग़रीब-बेसहारा जनता जनार्दन को बल प्रदान कर बहुत बड़ा संदेश दिया। इंदिरा गांधी एक दृढ़ निश्चयी महिला थीं,बेरोज़गारी,ग़रीबी,महिला सशक्तिकरण,नवजवानों के लिए नए -नए रोज़गार आदि की समुचित व्यवस्था की, बड़े-बड़े उद्योग धंधे लगाकर लोगों को रोज़गार के अवसर प्रदान किये। देश की एकता व अखंडता को अक्षुण्य रखने के लिए उन्होंने किसी से कोई समझौता नहीं किया अपने सिद्धांत पर अडिग रहीं। पूरा विश्व इंदिरा गांधी का लोहा मानता था। पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश का सृजन कर दिया पर कभी भी अपनी पीठ नहीं थपथपायी। अंत में देश की एकता के लिये हंसते-हंसते सब कुछ जानते हुए भी अपने प्राणो की आहुति दे दी।
गोष्ठी की अध्यक्षता निवर्तमान जिलाअध्यक्ष प्रजा नाथ शर्मा व संचालन निवर्तमान शहर अध्यक्ष सीताराम केसरी ने किया। गोष्ठी में प्रमुख रूप से अजय राय, डा.अनिल उपाध्याय, तृभुवन पांडेय,दिग्विजय सिंह, दुर्गा प्रसाद, फसाहत हुसैन बाबू, क़ु.सृष्टि, मनोज द्विवेदी,महेंद्र शर्मा, अरुण सोनी, राकेशचंद्र, राजकुमार, सुभाष चंद्र, धीरज, किसन यादव, मंगलेश सिंह आदि उपस्थित थे।
Updated on:
19 Nov 2019 08:18 pm
Published on:
19 Nov 2019 08:17 pm

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