
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
वाराणसी. जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव 2019 नजदीक आ रहा है कि विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर होता जा रहा है। खास तौर पर फूलपुर और गोरखपुर संसदीय उपचुनाव में सपा-बसपा के साझा उम्मीदवारों की जीत के बाद तो तेवर और ही तल्ख होते दिख रहे हैं। भले ही इन दोनों उपचुनावों से कांग्रेस का सीधा सरोकार न रहा हो, लेकिन कांग्रेस भी काफी उत्साहित दिख रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस बयान कि लोकसभा चुनाव में सपा,बसपा के साथ कांग्रेस का भी गठजोड होगा। ऐसे में अब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में विकास खोज यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। यह जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव 'अन्नू' ने रविवार को मीडिया से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में वह अपनी टीम के साथ पिछले चार वर्ष में बनारस में हुए विकास कार्यों की पड़ताल करेंगे। उसके जनता के सामने ऱखेंगे।
उन्होंने कहा कि हम विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं हम उन विकास कार्यों की सतत निगरानी व उसके सही क्रियान्वयन के पक्ष में हैं और जो कार्य या क्षेत्र अछूता है उसके विकास के पक्ष में हैं। तमाम भ्रान्तियों व कांग्रेस के खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार व अफवाहों के चलते मैंने यह तय किया है कि हम वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करेंगे व उसके क्रियान्वयन व कार्य के लाभांश को परखेंगे तथा उसके मानक की जांच करेंगे कि कहीं एैसा तो नहीं कि देश की धनराशि अथवा योजना का दुरुपयोग हो रहा हो? हम यह जानना चाहेंगे कि वाराणसी के विकास का वास्तविक सच क्या है ? उसको जनता के समक्ष लाने का प्रयास करेंगे। अपनी इसी सोच को दिशा देने के लिए 'विकास खोज यात्रा'कार्यक्रम के अन्तर्गत विकास कार्यों को परखूंगा। योजना के अधिकारियों से मिलकर उनकों जानूंगा व स्थलीय निरीक्षण व जनता के बीच जाकर सत्य को जानूंगा। मेरी कोशिश होगी कि गलियों के शहर बनारस की हर वह तस्वीर जो आज की हकीकत है वह आपके व सोशल साईट्स के माध्यम से पूरे देश तक पहुंचे और सच वाराणसी की जनता व देश जान सके। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर सच को सामने लाना है ,विरोध के लिए विरोध करना नहीं ।
कांग्रेस के पूर्व जोनल प्रवक्ता अनिल श्रीवास्तव 'अन्नु' ने पराड़कर स्मृति भवन में पत्रकार वार्ता में कहा कि इन योजनाओं का क्या लाभ है और उनका क्रियान्वयन कैसा है ? क्या यह मानक के अनुरुप हैं ? इस पर सवाल पूछना न तो सत्ता को पसंद है और न ही उनके कार्यकर्ताओं को। हम ठहरे कांग्रेसी विचारधारा के साधारण कार्यकर्ता हमें इसकी चिंता तब भी थी जब केन्द्र व प्रदेश में हमारी सरकार थी, कमियों पर चर्चा हम तब भी करते थे व गलत हो रहे कार्यों व क्रियान्वयन का विरोध करते थे। लेकिन आज का दौर व सोच दोनों में बदलाव आया है, आज हम विपक्ष में हैं इसलिए केवल विरोध करना ही हमारा दायित्व व कर्तव्य है एैसा नहीं है। यह कांग्रेस की यह विचारधारा नहीं है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा व सरकार पर तंज कसा कि वाराणसी का गडमगड विकास कहीं खो गया है एक ही विकास कार्य पार्षद, विधायक, सांसद व सरकार सब अपना बता रहे हैं, सभी विकास के दावेदार हैं तो अब हम उसी विकास को खोजेंगे कि वह कहां है और किसका है ? विकास का पैमाना तो अब बनारस में मैनहोल मरम्मत भी हो गया है। उन्होंने बताया कि विकास खोज यात्रा के प्रथम चरण में हम योजनाओं को जानेंगे ,तथ्य संकलन व जनसम्पर्क होगा व द्वितिय चरण में संम्बंधित विभागों को समस्या के साथ जनता व मेरे द्वारा उसके निदान के सुझाव भी दिए जाएंगे। तृतीय चरण में कांग्रेस सड़क पर उतरेगी और सबसे पहले गंगा मुद्दे पर पदयात्रा निकालेगी जो आदिकेशव घाट से अस्सी घाट तक जाएगी। इस खोज यात्रा की संभावित तिथि 8 अप्रैल प्रस्तावित है। पदयात्रा में प्रांतिय व केन्द्रीय नेताओं को भी शामिल करने का प्रयास किया जायेगा। चतुर्थ व अंतिम चरण तक निदान न होने की दशा में जनमत के आधार पर तय होगा कि आगे करना क्या है?
विकास खोज यात्रा का आरम्भ रामनवमी के बाद बाबा कालभैरव का दर्शन कर गंगा की वर्तमान स्थिति और पुरातन स्वरूप में सरकारों की योजनाओं, क्रियान्वयन व परिणाम की खोज की जायेगी। सबसे पहले हम नमामी गंगें व गंगा में गंगा परियोजना के बाद और अब की स्थिति को सूक्ष्मता से परखेंगे। पूरा कार्यक्रम तथ्यों व वर्तमान स्थिति पर चलेगा न की भीड़ जुटाउ संस्कृति पर। कार्यक्रम के दौरान सभी पहलुओं व पक्षों का तथ्यात्मक संकलन व जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी व रचनात्मक आंदोलन होगा ,सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं की सहभागिता रहेगी। इस कार्यक्रम के दौरान मैं कांग्रेस के अपने उन साथियों से भी सम्पर्क करुंगा जो मेरी तरह कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता हैं, उनकी पार्टी के प्रति एकनिष्ठ सेवा के लिए उनको उनके घर पर सम्मानित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि देश के हर कोने में वाराणसी के विकास की एैसी चर्चा भाजपा व संघ के सदस्यों ने फैला रखी है मानों काशी में वाराणसी की नई खोज कर ली गई हो। बात बुनियादी सुविधाओं की हो या सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक विकास की, सभी क्षेत्रों में इसकी जोरदार चर्चा की व कराई जा रही है और उसकी एक बड़ी वजह है इस शहर के सांसद का प्रधानमंत्री होना। चर्चा तो यहां तक है कि आजादी के बाद से इतना पैसा व कार्ययोजना वाराणसी के विकास के लिए कभी आया ही नहीं। काशीवासी दो जगहं विकास भरपूर देखते हैं भाजपा व संघ कार्यकर्ताओ की जुबान पर और अनिवासी नेताओं के बयानों में।
अनिल ने बातचीत के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं से कुछ सवाल खड़े गिए जो इस प्रकार हैं...
1- लगभग चार साल की केन्द्र सरकार व एक साल की राज्य सरकार ने वाराणसी के लिए कौन कौन सी योजना स्वीकृत की और उसके लिए कितना धन अवमुक्त किया तथा कार्य की क्या स्थिति है ?
2- विकास की जोरदार चर्चा व मार्केटिंग के बावजूद कोई भी ब्लाक अथवा वार्ड अब तक विकास माडल क्यों नहीं बन सका? यदि बना है तो बताएं?
3- पिछले चार सालों में सड़क व गली मरम्मत के नाम पर कितना धन खर्च हुआ और कौन कौन सी सड़क व गली का काम पूरा हो चुका है ?
4- सांसद व विधायक निधि से अब तक कौन-कौन से कार्य कराए गए और कहां ? तथा कितना धन अवमुक्त हुआ ?
5- यूपीए सरकार व अखिलेश सरकार के स्वीकृत कार्यों में से कौन कौन से कार्य अब तक चल रहे हैं और कौन पूर्ण हो गए ?
Published on:
18 Mar 2018 06:48 pm
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