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IIT-BHU में टेकनेक्स के 87वें संस्करण की शुरुआत, दिखी ऑपरेशन सिन्दूर की झलक, ‘सुल्तान’ ने दिखाए करतब

आईआईटी-बीएचयू में टेकनेक्स 2026 के 87वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। स्वतंत्रता भवन में इसका भव्य उद्घाटन किया गया। इस संस्करण में शामिल होने के लिए देशभर के आईआईटी संस्थान से करीब डेढ़ हजार छात्र पहुंचे हुए हैं...

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वाराणसी: आईआईटी-बीएचयू में टेकनेक्स 2026 के 87वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। स्वतंत्रता भवन में इसका भव्य उद्घाटन किया गया। इस संस्करण में शामिल होने के लिए देशभर के आईआईटी संस्थान से करीब डेढ़ हजार छात्र पहुंचे हुए हैं। इसके साथ ही भारतीय थल सेना ने भी अपनी प्रदर्शनी लगाई है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स को भी लोगों ने अपनी नजरों से देखा।

डिफेंस सिंपोजियम 2.0 रहा आकर्षण का केंद्र

आईआईटी-बीएचयू में टेकनेक्स के 87वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। इस दौरान इसमें शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेट्टो विगना भी पहुंचे हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान डिफेंस सिंपोजियम 2.0 विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसे गढ़वाल राइफल्स और भारतीय सेना के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें उन्नत हथियार प्रणालियों, नैनो ड्रोन, रिमोट पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम, आर्म्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल,रोबो म्यूल जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक भावनात्मक वीडियो प्रस्तुति ने देश के सैनिकों के साहस और बलिदान को भी श्रद्धांजलि दी।

ऑपरेशन सिन्दूर में इस्तेमाल ड्रोन्स की भी लगी प्रदर्शनी

पाकिस्तान के खिलाफ जारी किए गए ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए निगरानी ड्रोन्स को भी इस प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। सेना जब पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब डे रहे थी उस दौरान ये ड्रोन्स दुश्मन सेना की मूवमेंट जुटा रहे थे। वहीं, भारतीय सेना के रोबोट 'सुल्तान' ने डांस कर और जय हिंद बोलकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सेना के एक जवान ने बताया कि यह रोबोट निगरानी के साथ-साथ दुश्मन पर गोली भी चला सकता है।

भारतीय सेना इस प्रदर्शनी में त्रिनेत्र ड्रोनेस के साथ पहुंची, जिसकी लागत करीब 23 लाख रुपए है। इसमें अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ है और यह बॉर्डर पर दुर्गम इलाकों में दुश्मन का पता लगाने में माहिर है। प्रदर्शनी को देखने पहुंचे छात्रों में उत्सुकता देखने को मिली। छात्रों ने कहा कि नई-नई तकनीक से वह रूबरू हो रहे हैं और यह अनुभव उनके लिए भविष्य में काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।