
कांग्रेस सिंबल
वाराणसी. कांग्रेस की नई फिलासफी से खुद कांग्रेसी ही दंग है। एक तरफ पार्टी हाईकमान गुजरात में पिछड़ों, दलितों और अति पिछड़ों को जोड़ कर मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीजेपी को मात देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं बनारस कांग्रेस एक नगर निकाय चुनाव में एक ऐसे पिछड़े का टिकट काटने की तैयारी में है जो लगातार 10 साल से पार्टी को एक महत्वपूर्ण सीट दे रहा हो। लेकिन इन सब को दरकिनार कर पार्टी उनका टिकट इसलिए काटने की तैयारी में है कि वह सीट इस बार सामान्य हो गई है और एक रसूखदार ब्राह्मण परिवार ने ब्राह्मण दावेदार को अपना वरदहस्त प्रदान कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने रामनगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर दो बार की विजेता रेखा शर्मा का टिकट काटने की तैयारी कर ली है। रेखा शर्मा पिछले 10 साल से रामनगर पालिका अध्यक्ष हैं। लेकिन इस बार रामनगर नगर पालिका परिषद सीट जैसे सामान्य हुई रेखा शर्मा के योगदान को नजरंदाज कर सवर्ण को टिकट देने की कवायद शुरू कर दी गई। तर्क यह कि एक ही जिले में एक से ज्यादा पिछड़े को कैसे टिकट दिया जा सकता है। तर्क देने वाले बता रहे हैं कि चूंकि वाराणसी नगर निगम सीट पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित हो गई है तो एक पिछड़ी नगर निगम में और दूसरी पिछड़ी महिला रामनगर में उतारना मुनासिब नहीं होगा। सवर्ण मतदाताओं के बीच गलत संदेश जाएगा।
यह चर्चा आम होते ही कांग्रेसी ही कहने लगे हैं कि एक तरफ पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधीगुजरात विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने के लिए अति पिछड़ों, पिछड़ों और दलितों को पार्टी से जोड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। विपक्ष फिलहाल उनकी इस रणनीति का यह कह कर तोहमत लगा रही है कि कांग्रेस जातीय राजनीति कर रही है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय क्षितिज तक देश में पिछड़ों की ही राजनीती चल रही है। वहीं बनारस कांग्रेस पिछड़े का ही टिकट काटने पर आमादा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि अगर कांग्रेस ऐसा करती है तो इसकी लाभ वाराणसी में तो बीजेपी उठाएगी ही साथ ही इस मुद्दे को गुजरात विधानसभा चुनाव तक खींच कर ले जाएगी। इसकी दो वजह है, एक पिछड़ी जाति और दूसरा महिला। ये दोनों मसले पर बीजेपी कांग्रेस को कायदे से घेरेगी और वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी इसे प्रसारित करेगी। पिछड़ों के बीच यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि कांग्रेस केवल वोट के लिए पिछड़ा प्रेम दिखाती है। वह पिछड़ों की हितैषी नहीं।
बता दें कि पत्रिका ने रविवार को ही यह खबर चलाई थी कि बनारस कांग्रेस रामनगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार और निवर्तमान चेयरमैन रेखा शर्मा का टिकट काटने की तैयारी में है। तर्क दिया जा रहा है कि सीट सामान्य हो जाने के चलते मधुकर पांडेय ने जोरदार दावेदारी पेश की है। उन्हें एक बड़े घराने का वरदहस्त भी हासिल हो गया है।
Published on:
30 Oct 2017 04:38 pm
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