वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे पति व पत्नी उस समय फफक-फफक कर रो पड़े जब उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया। मीडिया के सामने जब अपने दर्द को बताया तो लगा कि प्रदेश की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है। दंपत्ति ने कहा कि सीएम योगी से लेकर स्थानीय पुलिस थाने में जमीन को दबंगों से मुक्त कराने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई कार्रवई नहीं हुई। यह हमारी सरकार है तब हम लोगों का यह हाल है इससे अच्छी तो अखिलेश सरकार थी जहां पर गरीबों की सुनवाई होती थी। क्या करेंगे पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम योगी जब कार्यकर्ता ही आम जनता का गला रेतने में लगे हुए हैं।
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शिवपुर थाना क्षेत्र के परमानंदपुर का निवासी बताने वाले वीरेन्द्र सिंह उर्फ बाबा व उनकी पत्नी सुमन सिंह काशी विद्यापीठ में सीएम योगी से मिलने पहुंचे थे। सुरक्षा कारणों से दम्पत्ति सीएम योगी से नहीं मिल पाये तो उनका दर्द झलक गया। पहले तो लगा कि यूपी सरकार पर भारी भू माफिया का यह लोग भी शिकार होंगे। लेकिन जब रोते हुए पति व पत्नी ने सारी कहानी कैमरे के सामने सुनायी तो मन बोझिल हो गया। क्या यही पीएम नरेन्द्र मोदी के सपनों वाली सरकार है जिन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से सुशासन व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का वायदा किया था। वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि पांच लाख रुपये कर्ज लेकर जमीन खरीदी है। जमीन का बैनामा २०१३ में कराया गया। इसके बाद दबंगों के चलते जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी के रविन्द्रपुरी स्थित जनसम्पर्क कार्यालय से लेकर सीएम योगी के जनता दरबार में गुहार लगायी। नतीजा सिफर रहा। एंटी भूमाफिया पोर्टल से लेकर डीएम, डीआईजी व शिवपुर पुलिस के यहां पर दौड़ते रहे। जमीन पर कब्ता नहीं मिला। दम्पत्ति के यह शब्द सबसे अधिक चुभते हुए महसूस हुए कि आप बताये कि अब हम कहा जाये। जहां भी न्याय मिल सकता था सभी जगह पर गुहार लगा चुके हैं। मंत्री अनिल राजभर से मिले तो न्याय दिलाने का वायदा किया। इसके बाद कहा कि वह तो हमारे वोटर है। घर में शादी करने के लिए दो जवान बेटी है लेकिन हम उनकी शादी क्या करे। अपनी जमीन लेने की लड़ाई लड़ रहे हैं। पीएम मोदी कहते हैं कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। जब हम ब्याज के १४ हजार रुपये ही भरते रह जायेंगे और जमीन नहीं मिलेगी तो बेटी को कैसे पढ़ायेंगे।
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जिनके पास जमीन के नहीं है कोई कागजात आज वह मालिक बने हुए हैं
वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिनके पास जमीन का कोई कागजात नहीं है वही मालिक बने हुए हैं हमारे पास सारे कागजात है फिर भी अपनी जमीन को ले नहीं सकते हैं। लेखपाल व कानूनगो पैसा मांगता है कहता है कि नहीं दिया तो मामला कोर्ट में भेज देंगे। इसके बाद जिंदगी भर लड़ते रहना। वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि पीएम के जन्मसम्पर्क कार्यालय गये तो वहां के लोगों ने कहा कि सीएम बनारस में आये हैं मिलने से आपकी समस्या का समाधान हो जायेगा। हमारे पास ऐसा कोई जुगाड़ नहीं है जिससे हम सीएम से मिल सके। कहा कि अब न्याय के लिए कहा गुहार लगाये। इससे अच्छी तो अखिलेश सरकार थी जो गरीबों की सुनवाई करती थी।
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