18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BREAKING-हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में धमाका, मौके पर पहुंची पुलिस

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर माहौल गर्म, जानिए क्या है मामला

2 min read
Google source verification

image

Devesh Singh

Nov 29, 2016

harishchandra pg college

harishchandra pg college

वाराणसी. हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में मंगलवार को धमाका होने से सनसनी मच गयी। मौक पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि कुछ शरारती तत्वों ने कक्षा में पटाखा बजाया था। फिलहाल परिसर में पीएससी तैनात की गयी है। दूसरी तरफ छात्रसंघ चुनाव की तिथि जारी करने की मांग को लेकर छात्रों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा।
हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर माहौल गर्म हो गया है। अनशन पर बैठे एक छात्रा व छात्र की हालत बिगडऩे पर उसे शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर अभी भी उनका इलाज चल रहा है जबकि अन्य छात्र अभी भी मुख्य प्रवेश द्वार के सामने अनशन पर बैठे हुए हैं।
पुलिस ने दे रही है छात्रसंघ चुनाव की तिथि
स्थानीय पुलिस जब तक छात्रसंघ चुनाव कराने की तिथि को अनुमोदित नहीं करती हैं तब तक चुनाव कराना संभव नहीं होगा। हरिश्चन्द्र कालेज प्रशासन ने कई बार पुलिस प्रशासन को पत्र लिख कर चुनाव की तिथि देने की मांग की थी लेकिन स्थानीय पुलिस ने अभी तक तिथि नहीं दी है। सीएम अखिलेश ने सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने का निर्देश दिया है इसके बाद भी हरिश्चन्द्र महाविद्यालय प्रशासन को चुनाव तिथि नहीं मिल रही है।
30 जून को खत्म होगा छात्रसंघ का कार्यकाल
हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में 30 जून को छात्रसंघ पदाधिकारियों का कार्यकाल खत्म हो जाता है। मार्च से परिसर की वार्षिक परीक्षा शुरू हो जाती है। वर्तमान समय की बात की जाये तो नवम्बर खत्म होने वाला है और प्रत्याशियों के पास अधिक समय नहीं बचा है जिसके चलते छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने के लिए छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। वर्ष 2017 में होने वाले है यूपी विधानसभा चुनाव
यूपी में वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। प्रत्याशियों को लग रहा है कि यदि किन्हीं कारणों से सपा सरकार की वापसी नहीं हो पाती है तो फिर छात्रसंघ चुनाव होना कठिन हो सकता है ऐसे में वह रिस्क नहीं लेना चाहते हैं और चुनाव कराने के लिए आर-पार की लड़ाई लडऩे के लिए भी तैयार हैं।

ये भी पढ़ें

image