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सबसे प्राचीन है काशी में देवी शैलपुत्री का मंदिर, नवरात्रि के पहले दिन देती हैं साक्षात दर्शन, सुबह से दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

वासंतिक नवरात्रि के पहले दिन धर्मनगरी काशी में पूजा पाठ का सिलसिला जारी है। नवरात्रि की प्रथम आराध्य देवी, देवी शैलपुत्री के मंदिर और काशी के सभी शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा पड़ा है। गंगा घाटों पर भी भोर से भक्तों की भीड़ लगी है। घाटों पर पूजा अर्चना के बाद सनातनधर्मी नवसंत्वसर का स्वागत कर रहे हैं।

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Crowd on First Day of Navratri in mata Shailputri Mandir

Crowd on First Day of Navratri in mata Shailputri Mandir

आज नवरात्रि का पहला दिन है और प्रथम दिन पर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन लोग विधि विधान से मां शैलपुत्री के मंदिर में पूजा करते हैं। हिंदू पंचांग का का नववर्ष विक्रम संवत आज से शुरू हो गया है। इसके साथ ही नौ दिवसीय वासंतिक नवरात्रि पर्व की शुरुआत भी आज से हो रही है। वासंतिक नवरात्रि के पहले दिन धर्मनगरी काशी में पूजा पाठ का सिलसिला जारी है। नवरात्रि की प्रथम आराध्य देवी, देवी शैलपुत्री के मंदिर और काशी के सभी शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा पड़ा है। गंगा घाटों पर भी भोर से भक्तों की भीड़ लगी है। घाटों पर पूजा अर्चना के बाद सनातनधर्मी नवसंत्वसर का स्वागत कर रहे हैं।

मंदिर को लेकर है यह मान्यता

अलईपुरा स्थित माता शैलपुत्री के मंदिर को लेकर मान्यता है कि शैलपुत्री खुद इस मंदिर में विराजमान हैं। यह भी मान्यता है कि वासंतिक और शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां भक्तों को दर्शन देती हैं। वासंतिक और शारदीय नवरात्रि पर दो वर्षों से कोरोना महामारी का साया था। अब जब स्थिति सामान्य है, तो नवरात्र के पहले दिन शनिवार सुबह से भगवती देवी के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का गजब मेल देखा गया।

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मां दुर्गा की करनी चाहिए अराधना

श्रीकाशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी के अनुसार, मां दुर्गा अपने भक्तों पर कल्याण करती हैं। इसलिए नवरात्रि में सभी को मां दुर्गा की अराधना करनी चाहिए। आज कलश स्थापना के लिए साफ मिट्टी से वेदी बनानी चाहिए। इस दिन श्रीदुर्गा सप्तशी का पाठ करना चाहिए। नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री को उड़द, हल्दी और फल माला अर्पित करना चाहिए।