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लोकसभा चुनाव : जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को जागरुक करने के स्वयं सेवी संस्थाओं संग की बैठक

इस बार चुनाव आयोग ने मतदाता पर्ची को नहीं माना है पहचान पत्र मतदाता पर्ची का प्रयोग मतदाता केवल मतदान केन्द्र का नाम, भाग संख्या व क्रम संख्या जानने के लिए ही कर सकेंगे
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वाराणसी

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Sunil Yadav

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Updated: 11 Apr 2019, 7:26 PM IST

लोकसभा चुनाव : जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को जागरुक करने के स्वयं सेवी संस्थाओं संग की बैठक

लोकसभा चुनाव : जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को जागरुक करने के स्वयं सेवी संस्थाओं संग की बैठक

वाराणसी. जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में स्वीप की बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों व स्वयं सेवी संस्थाओं के लोगों से कहा कि हमें जिम्मेदार नागरिक के रुप में मतदाता को मतदान का महत्व और जिम्मेदारी का एहसास कराना है।

उन्होंने कहा कि मतदान करने के लिए इस बार चुनाव आयोग ने मतदाता पर्ची को पहचान पत्र नहीं माना है इससे केवल मतदान केन्द्र का नाम, भाग संख्या व क्रम संख्या जानने के लिए ही प्रयोग किया जा सकेंगे। साथ में वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, फोटो लगी बैक पासबुक, डी एल, नरेगा जाब कार्ड या सरकारी कर्मचारी पहचान पत्र आदि में से कोई एक आई डी अवश्य लाना होगा।

मतदाता की सुविधा के लिए मतदान केन्द्र के मुख्य द्वार पर मतदान केंद्र का नाम,बूथ संख्या लिखा गया है। वृद्ध, गर्भवती महिलाओं छोटे बच्चों के लिए छायादार स्थानों पर बैठने और सुविधाजनक तरीके से वोट डालने की व्यवस्था की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि मतदान कर्मियों तथा मतदाता के लिए अबकी बार अधिकतम सुविधाएं मुहैय्या करायी जा रही हैं। साथ ही मतदान के लिए लोगों को मोटिवेट करने और महिलाओं की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।


जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपना मतदान केंद्र जानने के तीन तरीके हैं-

1. बीएलओ की पर्ची जो कि एक सप्ताह पूर्व मतदाता को बीएलओ के द्वारा पहुंचायी जायेगी ।


2. इलेक्टोरल सर्च डाट इन पर लांग आन कर के तथा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो के द्वारा साथ ही पार्टी के बस्ते बनवा सकते हैं, बीएलओ भी मौके पर मौजूद रहेंगे।


इसके अलावा वोटर्स गाइड भी बीएलओ के द्वारा घर-घर पहुंचायी जायेगी। उंगली की अमिट स्याही गर्व का निशान है इसे मिटाना गलत सोच का परिचायक है जो एक अपराध भी है।


मतदाता का मोबाइल नेम स्लिप के साथ लगा कर कक्ष के बाहर रखा जायेगा जो मतदान कर के निकलने पर वापस लिया जा सकेगा।

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