वाराणसी. किसी जिले के कलेक्टर के लिए किसी स्कूल में टीचिंग करना अपने आज के समय में आप में बड़ी बात है। वह भी अगर वीवीआईपी जिले जहां के सांसद प्रधानमंत्री हों तो यह और भी गौरतलब हो जाता है। ऐसा जिला जहां तमाम योजनाएं संचालित हो रही हैं, उनकी मानीटरिंग करना, नित्य कोई न कोई मंत्री से लेकर केंद्रीय अधिकारियों का आना, उनके साथ बैठकें, फिर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर के दायित्वों का निर्वहन। इन सब के बावजूद नन्हे बच्चों के लिए नियमित रूप से वक्त निकाल लेना प्रशासनिक अधिकारियों संग सरकारी स्कूल के टीचर्स के लिए भी एक सबक है।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र लगातार 10 सप्ताह यानी लगभग ढाई माह से नियमित रूप से हर शनिवार को अर्दली बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में क्लास लेते हैं। बच्चों को भी अपने कलेक्टर टीचर का इंतजार रहता है। क्लास में जैसे ही जिलाधिकारी ने आज प्रवेश किया सभी छात्र छात्राओं ने उनका खड़े होकर गुड मॉर्निंग सर जी से अभिवादन किया। बता दें कि जिलाधिकारी ने जब इस विद्यालय को गोद लिया था। उस समय विद्यालय की स्थिति अत्यंत खराब थी। आलम यह था कि प्राथमिक विद्यालय में 9 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मात्र 44 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। लेकिन जिलाधिकारी ने जबसे इस विद्यालय को गोद लिया और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने विद्यालय जाने लगे, तब से पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगभग 36 बच्चे नए पंजीकृत हुए इससे यह स्पष्ट होता है कि जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए जाने के बाद अभिभावकों एवं छात्र छात्राओं का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़ा है। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अबतक विद्यालय को अपने वेतन से पांच पंखा गिफ्ट कर चुके हैं और उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालय जाने वाली जर्जर सड़क की भी मरम्मत की जाएगी। बातचीत के दौरान विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा पूजा सहित अनेक छात्र छात्राओं ने अपने जिलाधिकारी टीचर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह भी हर सप्ताह शनिवार को अपने कलेक्टर टीचर को आने की इंतजार करते हैं क्योंकि उनसे पढ़कर उनका हौसला सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
डीएम योगेश्वर राम मिश्रा शनिवार को अपने गोद लिए विद्यालय, अर्दली बाजार स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सुबह 9:30 बजे पहुंचे तो स्कूल के विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फिर उन्होंने छठवीं कक्षा में संस्कृत का पाठ पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने संधि का अभ्यास कराया। फिर छात्रा पूजा को बुला कर ब्लैक बोर्ड पर सवाल हल कराया। सवाल सही सही हल करने पर डीएम ने पूजा की पीठ थपथपाई और वेरी गुड कह कर उसका उत्साह बढ़ाया। इतना ही नहीं डीएम आज अपने साथ बच्चों के लिए रिटर्न गिफ्ट लेकर आए थे। लगभग 100 रिटर्न गिफ्ट में पेंसिल, रबड़, कलम के साथ-साथ चॉकलेट भी था। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को अपने हाथों से गिफ्ट दिया। गिफ्ट पाते ही बच्चों खुशी से झूम उठे। बता दें कि शिक्षकक दिवस को डीएम अपने गोद लिए विद्यालय में पहुंचे थे। उस रोज बच्चों ने डीएम को गिफ्ट के रूप में चॉकलेट दिया था। लिहाजा डीएम ने आज शनिवार को उन बच्चों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में चाकलेट सौंपा।