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जानिए कैसे पड़े शिव जी के ये आठ नाम

विष्णु पुराण में है इसका वर्णन

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Sarweshwari Mishra

Jan 02, 2017

Lord Shiva

Lord Shiva

वाराणसी. भगवान भोलेनाथ के वैसे तो 108 नाम हैं। लेकिन उनके ऐसे आठ नाम हैं जिन्हे शिवभक्त ज्यादा लेते हैं। रूद्र, शर्व, भाव, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान और महादेव । मगर शायद ही शिव भक्तों को इस राज के बारे में जानकारी हो कि आखिर उनके आठ नाम क्यों रखे गए? कौन था, जिसने उनके इन नामों को रखा।




विष्णु पुराण में इस बात का ज़िक्र मिलता है। विष्णु पुराण एक मात्र ऐसा पुराण है, जहां शिव के बाल रूप का वर्णन मिलता है। यह कहानी बेहद ही मन भावन है। इस कहानी के अनुसार ब्रह्मा जी को एक बालक की ज़रूरत थी। बालक के लिए उन्होंने कई महीनों तपस्या की। इसके बाद उनकी गोद में अपने आप ही एक बालक प्रकट हुआ। इसके बाद शुरू हुई, उनके नाम रखने की अद्भुत कहानी।




शिव जी को चुप कराने में पड़े उनके ये आठ नाम
बालक से जब ब्रह्मा जी ने उनका नाम पूछा तो बालक इस बात पर रोने लगा। उनके रोने की आदत को देख उनका नाम रूद्र रखा। रूद्र का अर्थ होता है रोने वाला। बालक शिव अपना यह नाम सुनकर खुश नहीं हुए। इसके बाद ब्रह्मा जी ने उनको फिर से दूसरा नाम दिया। इस पर भी वह चुप नहीं हुए। इस तरह उनका नाम एक के बाद एक करते हुएरूद्र , शर्व, भाव, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान और महादेव रख दिया गया। आगे चलकर भगवान शिव इन आठ नामों से जाने गए। शिव पुराण के अनुसार उनके यह नाम पृथ्वी पर ही लिखे गए थे।

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