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धर्म नगरी काशी के मौनी बाबा आश्रम में बुजुर्ग बाबाजी की हत्या, खौफनाक मंजर देख दहल उठे लोग

धर्म नगरी काशी में गंगा किनारे मौनी बाबा के आश्रम में रहने वाले सूर्यबली यादव जिन्हें लोग बाबाजी कह कर पुकारते रहे की जघन्य हत्या कर दी गई। हत्या किसी वजनी हथियार से हमला करके की गई जान पड़ती है। वार उनके सिर पर किया गया सा प्रतीत होता है। वैसे पुलिस को मौके से चाकू भी मिला है। हालांकि अभी तक हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।

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सूर्यबली यादव बाबाजी (फाइल फोटो)

सूर्यबली यादव बाबाजी (फाइल फोटो)

वाराणसी. जिले के रोहनिया क्षेत्र स्थित अखरी पुलिस चौकी क्षेत्र के गंगा किनारे छितौनी कोट इलाके में स्थित मौनी बाबा की कुटिया "आश्रम" में रहने वाले 65 वर्षय सूर्यबली यादव उर्फ 'बाबाजी' की निर्मम हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने उनके सिर और गर्दन पर वजनी औजार से हमला कर घटना को अंजाम दिया। बाबाजी का शव और घटनास्थल देखने से ऐसा लग रहा था मानों हत्या से पहले हत्यारों संग बाबा जी की जमकर भिड़ंत हुई होगी। हालांकि अभी तक हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।

घटना स्थल से पुलिस ने बरामद किया चाकू
घटना बुधवार- गुरुवार की रात की है, क्योंकि गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने बाबाजी का लहूलुहान शव देखा तो वो अवाक रह गए। ग्रामीणों ने ही रोहनिया थाने की पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से एक चाकू बरामद किया है। पुलिस ने आश्रम के आसपास रहने वालों से घटना के संबंध में पूछताछ की। साथ ही आश्रम के समीप ही स्थित कान्हा उपवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

ग्रामीणों के अनुसार रात में कुछ लोग आश्रम के चबूतरे पर जुटे थे
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहनिया क्षेत्र के खनाव निवासी सूर्यबली यादव बाबाजी छितौनी कोट स्थित कान्हा उपवन के समीप मौनी बाबा की कुटिया में लगभग 20 साल से रह रह थे। हत्या की सूचना पाकर पहुंची पुलिस की पूछताछ के दौरान गंगा किनारे मौनी बाबा की कुटिया आश्रम के समीप ही रहने वाले धर्मेंद्र मिश्र बाबाजी ने बताया कि बुधवार की शाम के बाद सूर्यबली यादव अंदर बने कमरे में चले गए थे। रात में करीब नौ बजे के आसपास वहां अक्सर आने वाला एक आदमी कुछ लोगों के साथ चबूतरे पर बैठा दिखा था। उसे उन्होंने डंडे से मारा और कहा कि फालतू लोगों को यहां न बिठाया करो। इसके कुछ देर बाद शोर भी हुआ। कुछ ही देर बाद दो लोग गंगा तट की तरफ भागने लगे। उसी दौरान एक आदमी कान्हा उपवन गेट की तरफ से निकला। इसके बाद सब कुछ सामान्य हो गया था।

नशेड़ियों का होता था जमावड़ा
वारदात के बाद घटनास्थल पर इकट्‌ठा ग्रामीणों ने बताया कि यहां अक्सर शराब और गांजा पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। सूर्यबली यादव बाबाजी इसका विरोध भी करते रहते थे। मौनी बाबा की कुटिया आश्रम के पास तीन महीने पहले जाली लगाकर बाउंड्री बनायी गई थी।

बाबा जी के तीन बेटे और दो बेटियां हैं
सूर्यबली यादव के परिजनों ने बताया कि उनकी पत्नी का निधन दो वर्ष पहले हो गया था। उनके तीन बेट और दो बेटियां हैं। सूर्यबली यादव छह भाइयों में पांचवे नंबर पर थे। उनके बड़े बेटे सुरेश ने बताया कि 20 साल से ज्यादा समय से वह मौनी बाबा की कुटिया आश्रम में ही रहते थे। कभी-कभार खास मौकों पर ही घर आते थे।

"पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं।मौके से चाकू बरामद किया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही । साथ ही पुलिस टीम इसका पता लगाने में जुटी है कि आखिर घटना की वजह क्या रही होगी।"-अमित वर्मा, एसपी देहात