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अखिलेश यादव को मिली साईकिल, जश्न में डूबे पूर्वांचल के सपाई, जमकर लगे अखिलेश के नारे

सपा कार्यकर्ताओं में जोश 

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Ashish Kumar Shukla

Jan 16, 2017

akhilesh

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वाराणसी. सपा में मचे घमासान के बीच सोमवार को चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सपा मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव को न सपा का अध्यक्ष माना और न साईकिल सिंबल ही मुलायम सिंह को दिया। सपा के विवाद पर फैसला सुनाते हुए चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष मान लिया और साईकिल सिंबल अखिलेश के पक्ष में दे दिया।

पूर्वांचल में जश्न में कार्यकर्ता
सपा का सिंबल अखिलेश को मिलते ही सपा के लोग पूर्वांचल में उछल पड़े और जमकर खुशियां मनाई। वाराणसी में सपा नेता आशुतोष ने कहा कि समाजवाद अब अखिलेश के साथ हो चुका है। सपा के लोगों के लिए ये बड़ा दिन है और अब सपा में अखिलेश युग आ चुका है।

कहा दोबारा सीएम बनेंगे अखिलेश
अखिलेश को सिंबल मिलते ही जोश से लबरेज सपा के नेताओं ने कि अखिलेश ने साबित कर दिया कि अखिलेश सच्चाई के लिए लड़ रहे थे। और अखिलेश सही मायने में समाजवादी सोच रखते हैं इसलिए सपा अब पूरी तरह से अखिलेश की है और दोबारा सीएम बनने से अखिलेश को कोई नहीं रोक सकता।

साईकिल को लेकर ऐसे बढ़ा था विवाद
अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच विवाद अक्टूबर से शुरू हो गया था। लेकिन सिंबल को लेकर लड़ाई 1 जनवरी के बाद शुरू हुई थी। पार्टी से बाहर किए गए रामगोपाल यादव ने 1 जनवरी को लखनऊ में सपा का राष्ट्री य अधिवेशन बुलाया था जहां अखिलेश यादव भी मौजूद थे। इस अधिवेशन में 3 प्रस्ताव पास हुए थे।

पहला प्रस्ता्व-अधिवेशन में अखिलेश को पार्टी का नेशनल प्रेसिडेंट बनाया गया। रामगोपाल ने कहा कि अखिलेश को यह अधिकार है कि राष्ट्री य कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और पार्टी के सभी संगठनों का जरूरत के मुताबिक फिर से गठन करें। इस प्रस्तााव की सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी।

दूसरा प्रस्ताुव-मुलायम को समाजवादी पार्टी का संरक्षक बनाया गया था।

तीसरा प्रस्ताुव-शिवपाल यादव को पार्टी के स्टेट प्रेसिडेंट के पद से हटाया गया और अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया गया था। बता दें, शिवपाल और अमर सिंह को लेकर अखिलेश ने कई बार विरोध दर्ज कराया था। इस अधिवेशन के बाद दोनों गुट खुलकर सामने आ गए थे।

पहले मुलायम, फिर रामगोपाल ईसी पहुंचे थे
- रामगोपाल के अधिवेशन के बाद 2 जनवरी को मुलायम सिंह, शिवपाल यादव, अमर सिंह और जया प्रदा के साथ दिल्ली में पार्टी सिंबल पर दावेदारी को लेकर इलेक्श न कमीशन (ईसी) पहुंच गए थे और साइकिल पर अपना हक जताया था उसके बाद विवाद बढता गया और सोमवार को अखिलेश के हक में फैसला हुआ।

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