
भोजपुरी के सुपरस्टार और भाजपा नेता मनोज तिवारी के बारे में कौन नहीं जानता। अपनी गायकी और अभिनय के दम पर उन्होंने करोड़ों दिलों पर राज किया है। उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री में कई हिट फिल्में दी। गायकी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले मनोज तिवारी आज भले ही आलीशान जिंदगी जी रहे हों। लेकिन उनके शुरूआती दिन काफी संघर्षों से भरे थे। एक समय ऐसा था कि उन्हें रोजी-रोटी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी किस्मत कब और कैसे बदली।
इस मंदिर में गाने के बाद बदल गई मनोज तिवारी की किस्मत
वाराणसी के शीतला घाट के महावीर मंदिर और अर्दली बाजार से मनोज तिवारी ने अपने करियर की शुरूआत की थी। उन्होंने इस मंदिर में आय़ोजित एक कार्यक्रम में भक्ती गीत गाया था। गीत गाते समय उन्हें चोट भी लग गई थी। उनके सिर से खून बहता रहा लेकिन वो गाते रहे। इस मंदिर में गाने के बाद से ही मनोज तिवारी की किस्मत बदल गई। उन्हें कई भक्ती गीत गाने के लिए मिले। साल 1991 में मनोज तिवारी को पहली बार गंगा आरती की प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था। उसी समय उनका एक एल्बम 'शीतला घाट पे काशी में' का गीत 'बाड़ी शेर पर सवार' रिलीज हुआ और इस गाने ने तहलका मचा दिया।
महावीर हनुमान मंदिर
अर्दली बाजार स्थित महावीर हनुमान मंदिर की बड़ी मान्यता है। महावीर हनुमान मंदिर सबसे लोकप्रिय हनुमान मंदिरों में से एक है। वाराणसी के एक छोर पर प्रसिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर और दूसरे छोर पर महावीर मंदिर स्थित है।
यह महावीर मंदिर बहुत बड़े परिसर में स्थित है। मंदिर परिसर के मध्य में महावीर हनुमान का विग्रह स्थापित है। बताया जाता है कि महावीर मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर का निर्माण राजा अर्जुन ने करवाकर महावीर हनुमान मंदिर की स्थापना की थी।
मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्तों को स्वास्थ्य और धन-धान्य का लाभ होता है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। यहां दूर-दूर से महावीर प्रभु के दर्शन को लोग आते हैं।
Updated on:
15 Dec 2023 03:35 pm
Published on:
15 Dec 2023 10:36 am
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