7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपेक्स कॉलेज के चेयरमैन और उनके परिवार के खिलाफ FIR

कॉलेज की छात्राओं संग बदसलूकी के वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ मुकदमा। पत्रिका ने रविवार को ही चलाई थी खबर। 

3 min read
Google source verification

image

Ajay Chaturvedi

Jul 09, 2017

apex college of nursing students

apex college of nursing students

⁠⁠⁠वाराणासी.
अपेक्स कॉलेज के चेयरमैन और उनके परिवार के खिलाफ लंका थाने में नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं संग बदसलूकी, दुराचार का प्रयास, एसिड अटैक के मामले में रविरवार की शाम मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चेयरमैन के खिलाफ यह तीसरा मुकदमा है। अब छात्राओं का कहना है कि पुलिस केवल मुकदमा ही दर्ज कर रही है, इस चेयरमैन की गिरफ्तारी भी होनी चाहिए। हम लोग उसके लिए भी आंदोलन करेंगे।


बता दें कि नर्सिंग कालेज की छात्राओं के साथ गुरुवार की रात कॉलेज के चेयरमैन, उनकी पत्नी, बेटे और बहू ने बदसलूकी की थी। इसका वीडियो रविवार की सुबह वायरल हो गया। इसके बाद छात्राएं पहुंची लंका थाने और एपेक्स के चेयरमैन डॉ एसके सिंह, पत्नी कृष्णा पटेल, बहू डॉ अंकिता पटेल और बेटे डॉ स्वरूप पटेल के खिलाफ बदसलूकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दिया।


ये भी पढ़ें-अपेक्स
कॉलेज की छात्राओं संग बदसलूकी
का वीडियो हुआ वायरल





हालांकि थाने पर उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा था। इसकी जानकारी ⁠यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता व प्रदेश सचिव अमित राय को हुई। इस पर वह तुरंत सपा के युवा नेता अभिनव त्रिपाठी, आशिष शुक्ला, सौरभ मौर्या और अन्य छात्रों संग पहुंचे थाने और पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने का दबा कर दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस ने छात्राओं संग बदसलूकी, एसिड अटैक का मुकदमा दर्ज किया।


बता दें कि फीस वापसी की मांग को लेकर अपेक्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिसर में धरना देने वाली छात्राओँ संग कॉलेज प्रशासन की बदसलूकी का वीडियो रविवार की सुबह ही तेजी से वायरल हो गया। वह वीडियो उन पीड़ित छात्राओं के आरोप को पूरी तरह से साबित कर रहा था। छात्राएं शुक्रवार से ही चिल्ला चिल्ला कर कॉलेज प्रशासन पर बदसलूकी का आरोप लगा रही हैं मगर वाराणसी पुलिस और सिविल प्रशासन की कान पर जूं नहीं रेंग रहा था।




मालूम हो कि नेशनल नर्सिंग काउंसिल से अपेक्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग की मान्यता संबंधी हकीकत सामने आने के बाद छात्राएं बुधवार से कॉलेज परिसर में धरना दे रही थीं। पहले ही दिन से उनके साथ लगातार बदसलूकी की जा रही थी। छात्राएं लगातार इसकी शिकायत कर रही थीं। लेकिन गुरुवार की रात तो उनके साथ हद हो गई जब कॉलेज प्रशासन ही नहीं संचालक परिवार मिल कर छात्राओं से भिड़ गया। उनकी आबरू के साथ खिलवाड़ किया गया। छात्र-छात्राओं को पीटा गया। इसमें ममता को सहित कई छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं। ममता का आरोप है कि उसके पीठ और कमर पर किसी ने तेजाब डाल दिया है।



इससे आक्रोशित छात्रों और छात्राओं ने शुक्रवार की सुबह भिखारीपुर तिराहे पर चक्का जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे भेलूपुर सीओ और एसीएम प्रथम ने छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि कॉलेज को सील कर दिया जाएगा। इस पर जाम समाप्त हुआ। एसीएम व सीओ कॉलेज के चेयरमैन के चैंबर में गई। काफी देर तक गुफ्तगू की फिर बाहर निकल कर छात्राओं को ही घसीट कर महिला थाने पहुंचा दिया। देर शाम उनके अभिभावकों को थाने बुला कर निजी मुचलके पर छोड़ा गया।



शनिवार को ममता, शीबा और अन्य छात्राएं श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में मेडिकल कराने पहुंचीं थीं पर उनका मेडिकल नहीं हुआ। हालांकि इस मामले में पत्रिका ने सीएमओ डॉ. वीबी सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि वह सीआईसी को फोन कर दे रहे हैं मेडिकल हो जाएगा। लेकिन छात्राओं का आरोप है कि उनका मेडिकल नहीं हुआ। इस बीच कॉलेज प्रशासन की पिटाई से गंभीर रूप से घायल ममता अस्पताल में भर्ती हो गई है। उसका इलाज चल रहा है।



छात्राओं ने गुरुवार की रात की घटना का वीडियो पत्रिका को भेजा है, जिसमें पूरी कहानी साफ साफ दिख रही है। छात्राओं का कहना है कि यह वीडियो वे एसीएम प्रथम और सीओ भेलूपुर को भी दिखाना चाहती थीं पर उन्होंने इसे देखना गवारा नहीं समझा।



यह सब तब हो रहा है कि इन छात्राओँ को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्याय का भरोसा दिलाया है। सीएम के सचिव के निर्देश पर कॉलेज के चेयरमैन के खिलाफ लंका थाने में धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज है। ममता को 40 दिनों तक बंधक बनाने और परिवार सहित उसे जान से मारने की धमकी के मामले में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है।



ये भी पढ़ें

image