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वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: देर रात पहुंचे CM योगी, अस्पताल में जाना घायलों का हाल, कहा मुफ्त ईलाज कराएं

वाराणसी फ्लाईओवर हादसा : फ्लाईओवर हादसे के बाद पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे उसके बाद आधी रात मुख्यमंत्री खुद बनारस आ गए।

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Flyover Collapse in Varanasi

वाराणसी में फ्लाई ओवर का स्लैब गिरा

वाराणसी. यूपी के वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से हुए भीषण हादसे में 18 लोगों की मौत व करीब दर्जन भर घायलों की खबर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात खुद बनारस पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से खुद पूछा कि उनका इलाज ठीक से हो रहा है या नहीं, कुछ मरीजों की शिकायत मिलने पर चिकित्साधिकारी को जमकर फटकार भी लगायी। उन्होंने अधिकारियों को खास ताकीद किया कि घायलों के समुचित और निशुल्क इलाज की व्यवस्था होनी चाहिये और इसमें कोताही कत्तई न हो।


वाराणसी हादसे की खबर सुनते ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद , पीएम नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टि्वट कर संवेदना जाहिर की। प्रधानमंत्री ने खुद मुख्यमंत्री से बात कर पर्सनली हादसे के बचाव व राहत कार्य पर नजर रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने टि्वट किया कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तत्काल वाराणसी जा रहे हैं। पर उनके पहुंचने के 45 मिनट के अंदर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी पहुंच गए।


सीएम योगी बाबतपुर एयरपोर्ट से पहले सीधे कैंट स्टेशन के नजदीक हादसे की जगह पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ यह जानने की कोशिश किया कि आखिर हादसा हुआ कैसे। उन्होंने पांच फीट ऊंची उस बीम पर चढ़कर भी देखा जिसके गिरने से हादसा हुआ था। हालांकि जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिरकार हादसा हुआ कैसे तो सभी बगलें झांकने लगे।


हादसा की जगह के बाद सीएम योगी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और वहां घायलों का हाल जाना और उनका कैसे इलाज किया जा रहा है इस बाबत डॉक्टरों व अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल और डीडीयू अस्पताल में भी मरीजों का हाल जाना। इस दौरान कबीरचौरा के इमरजेंसी में घायलों और तीमारदारों से इलाज में कोताही की शिकायत मिलने पर वह चिकित्साधिकारियों पर नाराज भी हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 घंटे में हादसे की रिपोर्ट मांगी गयी है उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हादसा दुखद है। कहा कि फिलहाल घायलों को बेहतर इलाज देना हमारी प्राथमिकता है। हादसे में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद की जा रही है।


बताते चलें कि बनारस में चौकाघाट से लहरतारा तक बन रहे फ्लाईओवर की कैंट स्टेशन से कुछ दूर शाम करीब 5.20 बजे लहरतारा पुल से पहले टनों वजनी दो बीम गिर गयी, जिसके नीचे एक बस, कई कारें व बाइक दब गईं। इसके चलते 18 लोगों की मौत हो गई। राहत कार्य में सेना व एनडीआरएफ को लगाया गया। किसी तरह से शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। बीम इतनी भारी थी कि 11 क्रेन मिलकर भी उसे हल्का सा ही उठा सकीं। रात 10 बजे तक राहत कार्य का पहला चरण समाप्त हो सका।


हादसे के बाद वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह व केआर सुडान के साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पहले ही बयान दिया था कि 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।