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दीवार पर रार: विश्वनाथ टेम्पल बीएचयू से छात्रों और पुरातन छात्रों ने निकाला आक्रोश मार्च

बीएचयू में दीवार बनाकर आईआईटी परिसर को अलग करने का विरोध तेज होने लगा है। इस लेकर पूर्व कुलपति, शिक्षक और छात्र मालवीय भवन पर धरने पर बैठ गए हैं।

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Former Vice Chancellor, teachers and students protest against separating IIT and BHU

बीएचयू विभाजन को लेकर हजारों की संख्या में छात्रों ने विश्वनाथ मंदिर से मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।

बीएचयू में दीवार बनाकर आईआईटी परिसर को अलग करने के विरोध में पूर्व कुलपति, शिक्षक और छात्र सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को सभी दीवार के विरोध में बीएचयू कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर से मालवीय भवन तक सद्भावना मार्च निकालकर विरोध जताया। इसके बाद छात्र मालवीय भवन पर धरने पर बैठ गए।

इसके लिए छात्रों द्वारा बीएचयू बचाओ संघर्ष समिति का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें बीएचयू में पूर्व और वर्तमान छात्र, सेवानिवृत्त व वर्तमान शिक्षक और पूर्व कुलपति सहित कई लोग शामिल हैं। जब से बीएचयू और आईआईटी विभाजन का संदेश लोगों के पास पहुंचा है तभी से यहां के छात्र पूर्व प्रोफेसर और पुरातन छात्रों में भारी जन आक्रोश देखा जा सकता है। यह आक्रोश जन- जन तक पहुंचा जा रहा है।

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हाथों में स्लोगन लिखे हुए पोस्टर कर रहे थे नारेबाजी
बता दें कि आज हजारों की संख्या में लोगों ने बीएचयू विभाजन को लेकर विश्वनाथ मंदिर से मार्च निकाला गया। यह मार्च वाणिज्य संकाय, हिंदी विभाग, समाजशास्त्र विभाग, मैत्री भवन की ओर से कुलपति आवास से होते हुए मालवीय भवन तक गया। इस दौरान लोग हाथों में स्लोगन लिखे हुए पोस्टर लिए हुए नारेबाजी करते हुए जा रहे थे। इस दौरान पुरातन छात्रों द्वारा बातचीत किया गया। उन्होंने कहा कि महामना की इस बगिया को बंटने नहीं देंगे। यह महामना की बगिया महामना की सोच थी कि इस कैंपस में आईआईटी, डॉक्टर, समाजशास्त्र, वाणिज्य के भी विद्यार्थी पड़े।

उन्होंने आगे कहा कि परंतु कुछ लोग इसका विभाजन करना चाहते हैं जो हम लोग कहीं से भी स्वीकार नहीं करेंगे हम लोग पुरातन छात्र हैं और इस तरह की बातें करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। वही कौशल किशोर मिश्रा जो पूर्व प्रोफेसर पूर्व डीन भी रह चुके हैं उन्होंने कहा कि यह जो महामना की बगिया है यहां का एक-एक एट एक-एक पेड़ एक-एक पत्थर वहां मन की सोच है और इसका विभाजन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा यहां पर कुछ ऐसी विचारधारा के लोग आ गए हैं जो वीएचयू का विभाजन चाहते हैं परंतु वीएचयू का विभाजन नहीं होने दिया जाएगा या कहीं से भी स्वीकार नहीं है।

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