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छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र ने PM Modi के नाम लिखा खुला पत्र, जाने क्या है मामला…

छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने PM Modi के नाम लिखा खुला पत्र लिखा है। दरअसल वो चौकाघाट-लहरतारा फ्लाइओवर के नीचे खुलने वाले नाइट मार्केट को निजी हाथों में सौंपने का कई दिन से विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में वो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलने के साथ ही विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। अब जबकि पीएम नरेंद्र मोदी बनारस अपने संसदीय क्षेत्र आ रहे हैं तो उन्होंने उनके नाम से खुला पत्र जारी किया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंंह

वाराणसी. छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खुला-पत्र लिखा। सिंह ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से अपील की है कि चौकाघाट- लहरतारा फ्लाइओवर के नीचे बन रहे नाइट मार्केट को निजी हाथों में न सौंप कर दुकानें स्थानीय ठेला-पटरी वालों को दी जाएं।

न टूटे गरीब ठेला-पटरी वालों की आस

सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के लिए बधाई दी है। साथ ही लिखा कि वाराणसी के विकास कार्यों के क्रम में ही चौकाघाट- लहरतारा फ्लाइओवर के नीचे नवनिर्मित नाइट मार्केट के संदर्भ में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। यह योजना इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि इससे समाज के सबसे निचले तबके के गरीब व्यापारी अर्थात पटरी व्यवसायी समाज को एक उम्मीद की किरण दिख रही है। इसका निर्माण शुरू होने के साथ ही यह चर्चा थी कि इस नाइट मार्केट को काशी के बेरोजगार ठेला- पटरी वालों को सीधे दिया जाएगा। फलत: बड़ी हसरत के साथ ठेला एवं पटरी व्यापारी इस योजना के साथ अपने दिन बदलने की उम्मीदें साध कर बैठे हुए थे। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नाइट मार्केट बनकर तैयार हो जाने के बाद इस व्यावसायिक योजना पर भी रसूखदार बड़े व्यापारियों की नजर लग गई और यह सुनने में आ रहा है कि इस नाइट मार्केट को प्राइवेट एजेंसी को आबंटित किया जाएगा।

नाइट मार्केट की दुकानों के आवंटन मामले में हस्तक्षेप की मांग

उन्होंने पत्र के माध्यम से यह निवेदन किया है कि काशी में होने वाले विकास पर आपके मतदाताओं और नाइट मार्केट योजना में सबसे निचली सतह के व्यापारियों का पहला हक होना चाहिए। अत: काशी का निर्वाचित जनप्रतिनिधि और देश के लोकतंत्र का शीर्ष नायक होने के नाते आपका दायित्व बनता है कि आप इस योजना के तहत दुकान आबंटन के मसले में हस्तक्षेप करें और सबसे निचली सतह के ठेला-पटरी व्यापारी समाज की आकांक्षाओं एवं हितों की रक्षा करें। निजी एजेंसियां तो अधिकतर बाहरी होती हैं, जो काशी के विकास का जोंक की तरह शोषण मात्र ही करती हैं। वे एजेंसियों अपने स्तर पर किए जाने वाले आवंटन में तो लूट चलाकर भारी मुनाफे के ही लक्ष्य से काम करेंगी और गरीब व्यापारियों के हितों की हत्या हो जायेगी। लोग ज्यादा कीमतें चुकाकर दुकानें लेंगे, तो स्वाभाविक है कि उसका असर उपभोक्ता नागरिकों की जेब तक भी पहुंचेगा।

उम्मीद ही नही पूर्ण विश्वास है कि न्याय संगत कार्य ही होगा

शैलेंद्र ने लिखा हमारे साथ पिछले महीनों में लगातार गरीब ठेला-पटरी व्यापारी समाज के लोग जिला प्रशासन से मिलकर यह गुजारिश करते रहे हैं कि नाइट मार्केट को प्राइवेट एजेंसियों को नहीं देकर काशी की आम जनता को सीधे दें। इस संदर्भ में नगर आयुक्त, मंडल आयुक्त, आपके संसदीय कार्यालय पर और मुख्यमंत्री जी को भी पत्र देकर यह मांग की गई, लेकिन इस मांग की पूर्ति की ओर कोई सकारात्मक हल नहीं निकला है। अत: काशी का शीर्ष जनप्रतिनिधि होने के नाते आपका सीधा हस्तक्षेप अपरिहार्य और अनिवार्य हो गया है। काशी के गरीबजन और गरीब ठेला-खोमचा-पटरी व्यापार वालों की आखरी उम्मीद आप हैं। हमें विश्वास है कि आप हमें निराश नहीं करेंगे और इस संदर्भ में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाते हुए सात जुलाई को काशी के गरीबजन और गरीब ठेला-खोमचा-पटरी वालों को समर्पित करेंगे।

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