
वाराणसी। काशी की अलौकिक और धार्मिक छटा का बखूबी अंदाजा करवाने वाली दैनिक संध्या आरती में जी-20 डेलीगेट्स ने सोमवार की रात शिरकत की। क्रूज पर सवार होकर नमो घाट से दशाश्वमेध घाट पहुंचे डेलीगेट्स का गंगा तट से ही स्वागत किया गया। इस दौरान काशी के राम जन्म योगी ने लगातार 6 मिनट से अधिक शंखनाद कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
नमों घाट पर नृत्य से हुआ स्वागत
काशी के नमो घाट पर पहुंचने पर डेलीगेट्स का भव्य स्वागत हुआ साथ ही नृत्य का भी इंतजाम किया गया था। इस दौरान डेलीगेट्स भी इस आवभगत से खुश होकर नृत्य कर रहे कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए।
क्रूज पर सवार हो समझा काशी के घाटों का महत्त्व
इसके बाद सभी डेलीगेट्स क्रूज से गंगा विहार करते हुए दशाश्वमेध घाट तक गए। इस दौरान रास्ते भर गाइड्स और अधिकारियों से डेलीगेट्स ने काशी के नयनभिराम घाटों के बारें जानकारी ली और यादगार स्वरूप उन्हें अपने मोबाइल और कैमरों में संजोया।
गंगा आरती देख हुए मंत्रमुग्ध
काशी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित प्रसिद्ध गंगा आरती देखकर विदेशी डेलीगेट्स भाव-विभोर हो उठे। कितने ही डेलीगेट्स आरती के समय क्रूज पर खड़े रहे और बज रहे धार्मिक मंत्रोच्चारण पर तालियां बजाते रहे। इस गंगा आरती को देख वो मंत्रमुग्ध दिखे। घाट पहुंचने पर डेलीगेट्स का राम जन्म योगी ने शंखनाद से स्वागत किया।
गंगा सेवा निधि ने किया विशेष आयोजन
इस सम्बन्ध में गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि काशी में चल रही जी-20 डेलीगेट्स मीटिंग में पहुंचे 38 समूहों के 80 डेलीगेट्स आज क्रूज से काशी के तट पर गंगा आरती देखने पहुंचे थे। इसके लिए हमने आज विशेष साज-सज्जा की थी। रोजाना होने वाले शंखनाद की जिम्मेदारी काशी के बुजुर्ग राम जन्म योगी ने निभाई जिनके शंखनाद के प्रधानमंत्री भी कायल हैं।
Published on:
18 Apr 2023 07:28 am
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