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वाराणसी में सम्मानित हुए 300 गंगा मित्र

-महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र की पहल-ऐसा प्रशिक्षण काशी और बीएचयू के अलावा देश में और कहीं नहीं दिया जाता

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सम्मानित गंगा मित्र

सम्मानित गंगा मित्र

वाराणसी. प्रयागराज से बलिया तक गंगाक्षेत्र में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के लिए काशी के 300 गंगा मित्रों को शनिवार को नमामि गंगे परियोजना के तहत सम्मानित किया गया। महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र बीएचयू में आयोजित इस सम्मान समारोह में इन गंगा मित्रों को प्रमाण पत्र व पारितोषिक प्रदान किया गया।

बता दें कि यह तीन महीने का एक स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम होता है। इसके तहत ईकोस्किल्ड गंगामित्र का त्रैमासिक प्रशिक्षण केंद्र के चेयरमैन व गंगा बेसिन अथारिटी के सदस्य रह चुके प्रो बीडी त्रिपाठी के निर्देशन में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र में ईकोस्किल्ड गंगामित्र का त्रैमासिक प्रशिक्षण केंद्र संचालित होता है। इसमें गंगा से संबंधित पांच पहलूओं जैसे अविरल गंगा, निर्मल गंगा, धार्मिक गंगा, पारिस्थितिक गंगा एवं अर्थ गंगा पर व्याख्यान, गंगाजल से संबंधित लैब प्रशिक्षण एवं फिल्ड वर्क का ज्ञान दिया जाता है।

इस संबंध में केंद्र के चेयरमैन प्रो बीडी त्रिपाठी ने बताया कि नमामि गंगे द्वारा गंगामित्रों को प्रयागराज से बलिया तक गंगाक्षेत्र में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के लिए गंगामित्रों को टास्क दिया है, जिसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र द्वारा जल्द ही शुरू किया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ रमेशचंद्र रहे। मुख्य अतिथि डॉ रमेशचंद्र ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से इस प्रकार का प्रशिक्षण देश में और कहीं नहीं दिया जाता है। यह तीन महीने का एक स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम है।

प्रशिक्षण प्रमाणपत्र मिलने के बाद सभी ईकोस्किल्ड गंगामित्रों ने खुशी जाहिर की। कार्यक्रम का संचालन सी. शेखर ने किया।