
Varanasi: हम विशेष पर्व और मौकों पर माँ गंगा के पावन धारा मे आस्था की डुबकी लगते है। वैसे हर दिन गंगा डुबकी लगाया जाए तो उसका भी विशेष फल मिलता है। पर हम अपने कुछ गल्तियो से अर्थ का अनर्थ कर देते है। मान्यता है कि गंगा में डुबकी लगाने से शारीरिक तनाव और मानसिक तनाव से रिलीफ मिलता है। यही वजह है कि जिन जगहों से होकर माँ गंगा गुजरती है वहां हर रोज घाट पर भक्तो का आवागमन लगा रहता है।
गंगा में डुबकी लगाने के क्या है नियम?
गंगा में डुबकी लगाने के लिए ज्योतिष विज्ञान ने बहुत से नियम बताए हैं, जिसका ध्यान गंगा स्नान के दौरान आवश्यक रूप रखना चाहिए। काशी के प्रख्यात विद्वान और ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि गंगा में डुबकी लगाने से पहले मां गंगा को छूकर प्रणाम करना चाहिए। इसके अलावा डुबकी के वक्त मां गंगा का ध्यान कर हर हर गंगे के नारे के साथ 3, 5 या 7 बार डुबकी लगानी चाहिए। इस दौरान मां गंगा से मन ही मन अपने सारे कष्ट और पापों के नाश की कामना जरूर करें।
ये काम करने से नाश हो जाएगा धन
गंगा में डुबकी लगाने समय शरीर के मैल को उसमें नहीं धोना चाहिए। इसके अलावा साबुन या शैम्पू का इस्तेमाल भी भूलकर नहीं करना चाहिए।
गंगा स्नान के बाद शरीर पर लगे पानी को नहीं पोछना चाहिए।
गंगा में मल मूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आप पाप के भागी बनते हैं।
गंगा में कपड़े धोना भी पाप माना जाता है।
गंगा में माला, फूल या किसी भी तरह का कूड़ा कचरा नहीं फेंकना चाहिए। इससे आप पाप के भागी बनते हैं।
(नोट-इस खबर को आयुष कुमार दुबे ने ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक मान्यताओ के प्राप्त जानकारियो के आधार पर लिखे है, लिखे गए बातों कि पुष्टि पत्रिका नही करता हैं। )
Published on:
08 Jun 2023 06:20 am
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