वाराणसी. वार्निंग लेबल के पास पहुंच कर अब गंगा के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है। गुरुवार को केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 69.85 मीटर दर्ज किया गया है जो चेतावनी बिन्दु से लगभग आधा मीटर कम है। वरुणा नदी में भी उफान जारी है ओर नदी किनारे रहने वालों की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही है।
यह भी पढ़े:-शिवपाल यादव व अखिलेश नहीं, यह नेता तय करेंगे 12 प्रतिशत वोटों का भाग्य
पहाड़ों पर हुई जबरदस्त बारिश के चलते ही गंगा का जलस्तर प्रभावित हुआ है। बनारस में गंगा घाट का आपस में सम्पर्क काफी पहले ही टूट चुका था। घाट की अधिकांश सीढ़ी पानी में डूब चुकी है। सबसे अधिक दिक्कत शवदाह करने वालों को हो रही है। मणिकर्णिका व हरिश्चन्द्र घाट पर भी बाढ़ का असर हुआ है और शवदाह करने वालों के पांच से छह घंटे इंतजार के बाद ही चिता लगाने का मौका मिल रहा है। बनारस दौरे पर आये सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा के जलस्तर को देखते हुए सभी प्रभावी कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। एनडीआरएफ लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर रख रही है। जिला प्रशासन ने पांच नाव को किराये पर लिया है जिसके जरिए लोगों की मदद की जा रही है
यह भी पढ़े:-लोकसभा चुनाव में महागठबंधन का असर, पहली बार पीएम नरेन्द्र मोदी यहां पर मनायेंगे जन्मदिन
लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है वरुणा का पानी
वरुणा का पानी पहले ही लोगों के घरों में पहुंच चुका है जहां पर पानी कम हो रहा है वहां पर गंदगी के चलते संक्रामक रोग फैलने का खतरा मंडरा रहा है। वरुणा के पानी से सबसे अधिक प्रभावित क्रोनिया का क्षेत्र है। वरुणा के बाढ़ ने अधिकारियों के बड़े खेल का खुलासा भी किया है। वरुणा कॉरीडोर पानी में डूब चुका है जिससे लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट प्रवासी सम्मेलन को देखते हुए वरुणा कॉरीडोर को जल्द पूरा करना था लेकिन बाढ़ ने अधिकारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पानी उतरने के बाद ही पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी ने कहा दो अक्टूबर को काशी में नहीं दिखनी चाहिए गंदगी