24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Hyderabad doctor girl gang rape case: वाराणसी में उबाल, बच्चियों ने निकाला विरोध मार्च, आरोपियों को फांसी की मांग

-Hyderabad doctor girl gang rape case को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी-छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर कर भावनाओं का कर रहे प्रदर्शन-आक्रोष मार्च निकालकर 15 दिन में मौत की सजा देने की मांग-सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखेंगी चिठ्ठी  

3 min read
Google source verification
हैदराबाद कांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

हैदराबाद कांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

वाराणसी. हैदराबाद डॉक्टर बिटिया के गैंग रेप और के बाद हत्या और लाश को जलाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर युवाओं और छात्र-छात्राओं में जबरदस्त आक्रोश है। वो लगातार सड़कों पर उतर कर अपनी भावनाओं का इजहार कर रहे हैं। युवा और छात्र-छात्राएं आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। उनका गुस्सा शासन और पुलिस प्रशासन पर भी है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मैदागिन और पांडेयपुर से कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही तक यानी शहर की चारों दिशाओं में हैदराबाद कांड का विरोध जारी है। जगह-जगह मार्च निकाला जा रहा है। पुतले जलाए जा रहे हैं तो छात्राएं तख्तियों पर मार्मिक स्लोगन लिख कर अपनी भावनाओं का इजहार कर रही हैं। हर तरफ इस घटना को लेकर आक्रोश है तो भय भी है।

रविवार को अवकाश के दिन एक विरोध मार्च आशापुर में निकला तो दूसरा लमही से। इसमें बच्चियों की भागीदारी ज्यादा रही। उन्होंने गैंग रेप के बाद हत्या और लाश जलाने वालों को तत्काल फांसी पर लटकाने की मांग की।

बच्चियों के आक्रोश का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नारा लगाया ‘कानून का पाठ अब मत पढ़ाओ, सीधे फांसी पर लटकाओ।’ हाथों में तख्तियाँ थीं, भिंची हुयी मुठ्ठी उन दुष्कर्मियों के लिये चेतावनी थी कि अब बेटियां चुप रहने वाली नहीं है। मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी एवं विशाल भारत संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव अर्चना भारतवंशी के संयुक्त नेतृत्व में महिलाओं ने हुंकार भरी। हैदराबाद की घटना ने झकझोर कर रख दिया है, सभ्य समाज में इतने गिरे हुये दरिन्दे रहते हैं। अफसोस कि इनको भी बचाने वाले समाज में ही मौजूद हैं। बलात्कारियों को बचाने वालों को भी आजीवन कारागार की मांग महिलाओं ने की।

इस अवसर पर विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष डा0 राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ‘राजनीति करने वालों की जमात ने कानून का डर खत्म कर दिया है, जिसकी वजह से दरिन्दों में कानून का डर नहीं है। बेटियों को सिर्फ कानून के भरोसे ही नहीं बचाया जा सकता है। बेटों को भी भारतीय संस्कृति का पाठ पढ़ाना चाहिये ताकि वे हर औरत में अपनी माँ और बहन की छवि देख सकें। जिन दरिन्दों ने महिला डाक्टर के साथ दुष्कर्म किया है, उनको 15 दिन के अन्दर फाँसी पर लटका देना चाहिए। सरकार दुष्कर्मियों के दण्ड के लिये 15 दिन की मियाद तय करे। इनको संरक्षण देने वालों पर भी आरोप तय हो।’

मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि ‘जिस थाने के अंतर्गत महिलाओं से दुष्कर्म होता है उस थाने के सारे पुलिसकर्मियों का 6 महिने का वेतन पीड़िताओं को देने का आदेश दे सरकार। दुष्कर्मियों के परिजनों को भी दण्ड दिया जाय। हैदराबाद की घटना किसी इंसान ने नहीं की है बल्कि शैतान ने की है। अपनी बेटियों की असमत बचाने के लिये शैतानों को फांसी पर लटकाना जरूरी है।’

विशाल भारत संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव अर्चना भारतवंशी ने कहा कि ‘पुलिस डायरी तैयार कर ऐसे दरिन्दों की सूची बनाये। दरिन्दों का सामाजिक बहिष्कार हो और उन्हें मृत्यु दण्ड से नीचे कोई सजा न मिले। सभ्य समाज, लोकतंत्र, मानवाधिकार, कानून का डर ये किताबी बातें लगने लगी है। सरकार मजबूत इच्छाषक्ति दिखाकर दुष्कर्मियों को कड़ी सजा दे और नागरिकता खत्म करे, ताकि ये किसी दूसरे देश में जाकर किसी बहन बेटी के साथ पाप न कर सकें।’

IMAGE CREDIT: patrika

अहिंसा की राष्ट्रीय सलाहकार नजमा परवीन ने कहा कि ‘दुष्कर्मियों की सारी प्राॅपर्टी नीलाम कर पीड़ित परिवार को दे देनी चाहिए। महिला की इज्जत से खेलने वालों को सभी सरकारी, गैर सरकारी सहूलियत खत्म किया जाय।’

इस मार्च में सुनीता श्रीवास्तव, डा0 मृदुला जायसवाल, खुशी भारतवंशी, इली भारतवंशी, उजाला, मैना देवी, बिटुना देवी, प्रभावती, पूनम, सितारा, दक्षिता, शालिनी, रमता श्रीवास्तव, जमुनी देवी, रीता, ममता, अंजु, कलावती, चिन्ता, लक्ष्मीना, लाची, अजरा, साईन, शहीदुन बेगम, सीमा, पार्वती आदि महिलाओं ने भाग लिया।