
वाराणसी. BHU कैंपस की सुरक्षा हाईटेक करने के लिए सर्विलांस सिस्टम लगाने की योजना तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए रोज नए प्रयोग हो रहे हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की क्विक रिस्पांस टीम ( क्यूआरटी) अब गूगल अर्थ मैप से जुड़ गई है। विश्वविद्यालय की सुरक्षा में तैनात प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सभी गाड़ीयों को हाईटेक किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ इस नई व्यवस्था के कार्य में पारदर्शिता आएगी।
बतादें कि विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर सेंटर की मदद से क्यूआरटी की तीन गाड़ियों को सफलता पूर्वक गूगल अर्थ मैप से जोड़ दिया गया है। अब यह तीन गाड़ियों को सफलता पूर्वक गूगल अर्थ मैप से जोड़ दिया गया है। अब यह तीनों गाड़ियां दिनभर कहां-कहां गई और कितने किलोमीटर चलीं इसकी भी जानकारी दर्ज हो रही है। खास यह है कि बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से अभ डेली रिपोर्ट भी गूगल अर्थ पर बन रही है। कम्प्यूटर स्क्रीन पर बने विश्वविद्यालय के नक्शे पर कहां बवाल हुआ है तथा किस क्षेत्र में बार-बार घटनाएं हो रही है उसे भी ऑडियों विजुअल के माध्यम से दर्ज किया जा रहा है। कम्प्यूटर सेंटर के प्रो. विवेक सिंह ने बताया कि नवीन तकनीक के माध्यम से कैंपस की सुरक्षा होगी। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय की नवगठित क्यूआरटी की गाड़ियों में इसकी व्यवस्था की गई है। इसके जरिए घटना स्थल पर चल रही बातचीत को भी प्रॉक्टोरियल ऑफिस में बने कंट्रोल रूम में सूना जा रहा है।
ये हैं गूगल अर्थ मैप के फायदे
गूगल मैप यूजर फ्रेंडली होने के साथ-साथ डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों ही व्यू में इसका अनुभव शानदार ही होता है। एंड्रॉयड मोबाइल फोन्स में पहले से ही मौजूद इस एप से फोन में वायरस और हैंग होने जैसी समस्या भी नहीं होती।
गूगल मैप ऐप की मदद से या क्रोम ब्राउजर में गूगल मेप को खोल कर आप भी आप ये सेटिंग कर सकते हैं। ऐप में दिए गए केटेगरी ऑप्शन में आप घर, रेस्टोरेंट, स्कूल, कैफे, बार, शॉपिंग सेंटर, सुपरमार्केट, सिनेमा, म्यूजिम आदि को एड कर सकते हैं। नाम डालने के बाद अगर आपको लगता है कि कुछ गलत एड कर दिया है तो आप उसे हटा या एडिट भी कर सकते हैं। गूगल मेप ऐप सभी एंड्रॉइड फोन में इनबिल्ट आने लगी अगर आपके फोन में ये ऐप नहीं है तो इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
Published on:
10 Nov 2017 12:08 pm
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