
बच्चे के साथ मतदान ड्यूटी पर जाती महिला कर्मचारी
वाराणसी. लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदान करना बहुत जरूरी होता है। संसदीय, विधानसभा या फिर निकाय चुनाव। सभी जगहों पर लगभग एक जैसी व्यवस्था होती है। सरकारी कर्मचारियों पर निकाय चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है इस दौरान कर्मचारियों को नरकीय जीवन जीना पड़ता है, जिसके बाद ही हम लोग मतदान कर पाते हैं।
यह भी पढ़े:-मतदान की उल्टी गिनती शुरू, घर-घर जाकर चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी
नगर निगम के द्वितीय चरण के चुनाव के लिए २६ नवम्बर को मतदान होना है। मतदान के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी शनिवार से ही लग गयी है। पुलिस लाइन, पहडिय़ा मंडी आदि जगहों से पोलिंग पार्टी रवाना हो चुकी है। सरकारी कर्मचारियों को सुबह से ही उपस्थिति दर्ज करानी होती है। दिन भर पुलिस लाइन में डटे कर्मचारियों को प्रशासन की तरफ से भोजन व पानी नहीं मिलता है यह हम नहीं कर रहे हैं। पुलिस लाइन में उपस्थिति कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनायी है। घंटों मशक्कत करने के बाद कर्मचारियों को ईवीएम व चुनाव संबंधित दस्तावेज मिलते हैं इसके बाद वह बस से मतदान केन्द्र के लिए रवाना हो जाते हैं। आम तौर पर सरकारी स्कूलों को ही मतदान केन्द्र बनाया जाता है। कर्मचारी इन जगहों पर चुनाव से एक दिन पहले पहुंच जाते हैं और सारी रात बूथ पर ही गुजारनी पड़ती है। मतदान केन्द्र पर भोजन, पेयजल व पानी का भारी संकट रहता है ऐसे में कर्मचारियों को अपने जुगाड़ से भोजन व पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी के मंत्री का फिर विवादित बयान, कहा कोई शराब पिलाये तो पी लो और....
मतदान के दिन भोजन मिलना भाग्य की बात
मतदान के दिन सुबह ७.३० बजे से शाम पांच बजे तक मतदान का समय निश्चित रहता है इसलिए मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को दिन भर भोजन करने का समय भी नहीं मिल पाता है। कर्मचारियों की किस्मत अच्छी रही तो बूथ पर भोजन मिल जाता है वर्ना बिना खाये-पीये ही दिन भर ड्यूटी करनी होती है।
यह भी पढ़े:-चुनाव के नाम पर टैक्सी चालकों से करायी जा रही बेगारी, तीन दिन से रोके गये हैं वाहन
मौसम की पड़ती है सबसे अधिक मार
चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर सबसे अधिक मौसम की मार पड़ती है। गर्मी में मतदान केन्द्र में मच्छर व पसीने के चलते सोना कठिन होता है। ठंड के समय मतदान केन्द्र में रजाई व गद्दे की व्यवस्था करना आसान नहीं होता है।
यह भी पढ़े:-नेताओं से खाली हुई बसपा, जनता के सहारे प्रत्याशियों का भाग्य
इसलिए ड्यूटी करने से बचना चाहती है महिला कर्मचारी
महिला कर्मचारी चुनावी ड्यूटी करने से बचना चाहती है, जिसकी मुख्य वजह बूथों पर अव्यवस्था होना है। पुलिस लाइन में कुछ महिला कर्मचारी ऐसी मिली थी, जिनके साथ उनके छोटे बच्चों को भी मतदान केन्द्र पर जाना पड़ा है। मतदान केन्द्र में शौचालय, पानी आदि की व्यवस्था अच्छी नहीं होने से उनकी समस्या बढ़ जाती है।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी को लगा झटका, एफआईआर के लिए रिश्वत लेते मुंशी का वीडियो वायरल
Published on:
25 Nov 2017 05:21 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
