
Gyanvapi ASI Survey Case
Gyanvapi ASI Survey Case : ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी वाद में वादी महिलाओं ने ज्ञानवापी परिसर साइंटिफिक सर्वे ASI के द्वारा करवाने की मांग की थी। इसपर फैसला देते हुए बीते शुक्रवार को कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सांटिफिक सर्वे के आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को आदेश दिया था। सोमवार सुबह 7 बजे से यह सर्वे शरू हुआ था पर मुसिम पक्ष की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार शाम 5 बजे तक इसपर रो लगा दी थी। कल इसपर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई जहां ASI के एडिशनल डायरेक्टर ने हलफनामा दिया और कहा कि बिना नुकसान के सर्वे होगा, इसपर आज मुस्लिम पक्ष आपत्ति दायर करेगा।
वाराणसी से कोर्ट पहुंचे ASI के एडिशनल डायरेक्टर
हाईकोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंगफ से जब सर्वे की विधि और तरीके के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी ASI के वैज्ञानिक दे पाएंगे। इसपर कोर्ट ने ASI के एडिशनल डायरेक्टर को वाराणसी से तलब किया और उन्हें आने के लिए तीन घंटे का समय दिया। वाराणसी से ASI के एडिशनल डायरेक्टर अलोक त्रिपाठी 4 बजे के बाद कोर्ट पहुंचे, जिसके बाद फिर सुनवाई शुरू हुई।
मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने जताई आपत्ति
मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि 1992 में बाबरी विध्वंस के अनुभवों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकत्या है। इस संवेदनशील मामले में जल्दबाजी में कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिये। जब काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और अंजुमन इंतेजामिया के बीच कोई विवाद ही नहीं है तो महिलाओं का वाद डालने का कोई विधिक अधिकार ही नहीं बनता। ASI को इस मामले में पक्षकार भी नहीं बनाया गया है। ऐसे में उसकी सर्वेक्षण को लेकर सक्रियता संदेह पैदा करने वाली है। यदि सर्वे से मस्जिद को नुकसान पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
Updated on:
27 Jul 2023 09:49 am
Published on:
27 Jul 2023 09:48 am
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