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Gyanvapi ASI Survey : ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के साइंटिफिक सर्वे पर हाईकोर्ट आज सुनाएगी फैसला, क्या मिलेगी अनुमति ?

Gyanvapi ASI Survey : ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के साईंटिफिक सर्वे के सम्बन्ध में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार वैज्ञानिक सर्वेक्षण के जरिए वो ज्ञानवापी की सच्चाई सामने लाना चाहते है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में मौजूद रहे प्रदेश के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने कहा था कि सर्वेक्षण होने की दशा में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्हालनें को राज्य सरकार तैयार है।

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Gyanvapi ASI Survey

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Gyanvapi ASI Survey : जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत द्वारा दिए गए ASI सर्वे पर मुस्लिम पक्ष की अवमानना नोटिस पर हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। हाईकोर्ट की एकल पीठ में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर इसकी सुनवाई करेंगे और अहम फैसला देंगे। 27 जुलाई को कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के ASI Survey पर रोक लगा दी थी। बता दें कि कोर्ट के सामने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया के एडिशनल डायरेक्टर आलोक त्रिपाठी ने सर्वेक्षण की तकनीक के बारे में कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसपर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति दाखिल करने का समय मांगा था। अगले दिन इसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

जिला जज ने दिया था ASI सर्वे का आदेश

हिन्दू पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय के डिस्ट्रिक्ट जज अजय कृष्ण विश्वेश ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सांटिफिक सर्वे की अनुमति दी थी और 4 अगस्त तक ASI को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इसपर सावन के तीसरे सोमवार 24 जुलाई को ASI की 32 सदस्ययी टीम विश्वनाथ धाम पहुंची थी। उधर मुस्लिम पक्ष ने इस सर्वे का बहिष्कार किया था और सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका डाली थी, जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर ततकाल प्रभाव से रोक लगा दी थी और मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।

हाईकोर्ट में हो रही सुनवाई, आज आएगा फैसला

मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में इस सर्वे को अमान्य करार दिया और इससे ज्ञानवापी को नुकसान की बात कही, इसपर कोर्ट ने ASI के एडिशनल डायरेक्टर को तलब किया जो वाराणसी से पहुंचे। यहां उन्होंने हलफनामा देते हुए कहा कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से ज्ञानवापी की इमारत को खरोंच तक नहीं आएगी। दावें प्रतिदावें के बीच तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद 27 जुलाई को फैसला सुरक्षित करते हुए हाईकोर्ट ने सर्वे पर लगी रोक जारी रखने का आदेश दिया था।

मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा, परिसर को होगा नुकसान

कोर्ट में दलील देते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील एसएफए नकवी ने असमायिक अदालती आदेश के जरिये ज्ञानवापी के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से ज्ञानवापी के मूल ढांचे को नुकसान पहुंचनें की आशंका जताई थी। उन्हाेनें यह भी कहा था कि अयोध्या के बाबरी मस्जिद विध्वंस का दंश देश ने झेला है। सिविल वाद में पोषणीयता का बिंदु तय किये बिना जल्दबाजी में सर्वेक्षण और खोदाई का फैसला घातक हो सकता है। हालांकि एएसआई ने मुस्लिम पक्ष की दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि सर्वेक्षण के लिए अपनाई जाने वाली तकनीक से ज्ञानवापी की मूल संरचना को खरोंच तक नहीं आयेगी।