
Holi 2023 Varanasi
वाराणसी। धर्म की नगरी काशी के मूल निवासियों ने शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार मंगलवार को होली का त्यौहार मनाया। इसके पहले 6 मार्च की रात को शहर की 30 होलिकाओं का दहन किया गया। शहर बनारस में पिछले कुछ दिनों से चल रही होली को लेकर असमंजस की स्थिति भी साफ हो गयी। काशी के प्रकांड पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मूल बनारसियों ने मंगलवार को होली मनाई। वहीँ पिछले कई दशकों से काशी में आकर बसे लोग 8 मार्च को होली का त्यौहार मनाएंगे।
मूल निवासियों ने किया काशी का सम्मान
इसबार सभी विद्वानों की संस्थाओं, काशी विद्वत परिषद् और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने 6 मार्च को होलिका दहन और 7 मार्च को होली खेलने की बात कही थी। ऐसा करते हुए काशी के मूल लोग आज होली मना रहे हैं। बाकी लोग जो बाहरी हैं वो कल यानी 8 मार्च को होली मनाएंगे। मूल निवासियों ने काशी की परंपराओं का सम्मान किया है।
देर रात जलीं 30 होलिकाएं
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार के सदस्य हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि काशी की धार्मिक और शास्त्रीय परंपराओं का निर्वहन करने वाले काशीवासियों ने सोमवार की अर्धरात्रि को विधि-विधान से होलिका दहन किया। शहर के चेतगंज, दशाश्वमेध, काल भैरव, चौकाघाट आदि इलाकों में 30 जगह होलिका का दहन किया गया। वहीं शहर की 70 फीसदी होलिकाओं में कल आग नहीं लगी।
दोपहर तक खेला गया रंग
शहर में जहां ज्योतिषाचार्यों की बातें मानते हुए होलिका जलाई गयी। वहां मंगलवार सुबह से ही होली का जश्न शुरू हो गया। यह जश्न दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। लोग चेतगंज में डीजे की धुन पर थिरकते रहे तो दशाश्वमेध घाट पर भी होलियारों ने मस्ती की। चेतगंज, कालभैरव, मानमंदिर और चौकाघाट की कुछ कॉलोनियों में रंगों का दौर दोपहर तक चला।
खुला रहा बाजार, फीका पड़ा त्यौहार
होली के त्यौहार पर पूरा बाजार बंद रहता है लेकिन इस वर्ष दो दिनों में विभक्त होने से बाजारों पर भी इसका असर दिखाई दिया। चेतगंज में जहां होलियारे डीजे की धुन पर मस्ती में थिरक रहे थे तो वहीँ से चंद कदम दूर लहुराबीर पर बाजार सजा हुआ था और लोग होली के लिए खरीददारी कर रहे थे। गोदौलिया, अस्सी, मैदागिन, लहुराबीर, महमूरगंज तमाम इलाकों में दुकानों पर रोज की तरह खरीदारी का दौर चलता रहा।
Updated on:
07 Mar 2023 05:18 pm
Published on:
07 Mar 2023 05:09 pm
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