
शिवलिंग की पूजा
वाराणसी. सावन का महीना 28 जुलाई 2018 को शुरू हो चुका है। सभी भक्त भगनान की पूजा में लगे रहते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव जी की अराधना से ब्रह्मा और विष्णु की भी अराधना हो जाती है। शिव भक्त शिव जी को प्रसन्न करन के लिए बेलपत्र, धतूरा और जल चढ़ाते हैं।
माना जाता है कि इन तीन चीजों से भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न हो कर उपवासक की हर मनोकामना पूरी करते हैं। कहा जाता है कि सावन के सोमवार को भगवान शंकर को बिना बेल पत्र यानि बिल्व पत्र चढ़ाए उनकी पूजा संपूर्ण नहीं होती।
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बता दें कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव जी की अराधना से ब्रह्मा और विष्णु की भी अराधना हो जाती है। सावन के सोमवार में भक्त शिव जी को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र, धतूरा और जल चढ़ाते हैं। माना जाता है कि इन तीन चीजों से भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न हो कर उपवासक की हर मनोकामना पूरी करते हैं। कहा जाता है कि सावन के सोमवार को भगवान शंकर को बिना बेल पत्र यानि बिल्व पत्र चढ़ाए उनकी पूजा संपूर्ण नहीं होती। भगवान शंकर को चढ़ाए जाने वाले बिल्व पत्र में ब्रह्मा और विष्णु का भी वास होता है।
ऐसे करें बेलपत्र का सही चुनाव और बरतें ये सावधानियां-
भगवान शंकर को गलती से भी एक या दो पत्तियों वाला बेलपत्र न चढ़ाएं। बेलपत्र हमेशा तीन पत्तियों वाला ही होना चाहिए।
बेलपत्र की पत्तियां कभी टूटी हुई न हों तथा उनमें छेद भी नहीं होना चाहिए।
शिव जी को कभी उल्टा बेलपत्र अर्पित न करें। पत्तियां हमेशा चिकनी होनी चाहिए।
बेलपत्र को हमेशा धो कर चढ़ाएं। इसे चढ़ाते वक्त हमेशा जल की धारा बहनी चाहिए।
Published on:
01 Aug 2018 09:26 am
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