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मिली नजर, एक बार फिर परवान चढ़ी डीएम की दोस्ती, यहीं से हुई प्यार की शुरूआत और यह हुआ अंजाम, जानिए पूरी कहानी

कुछ इस तरह हुआ था IAS को इस साधारण परिवार की लड़की से प्यार

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Dm Sanjay Khatri

डीएम संजय खत्री

वाराणसी. कहा जाता है जोड़ियां ऊपर से बन के आती है। कुछ ऐसा ही हुआ रायबरेली के वर्तमान डीएम संजय खत्री के साथ। सामान्य परिवार की लड़की से विवाह करके चर्चा में आये डीएम संज खत्री की शादी किसी अनजान से नहीं बल्कि उनकी पुरानी दोस्त से हुई हैं। डीएम संजय खत्री की शादी जिस लड़की से हुई वह इनकी पुरानी दोस्त निकली। हालांकि किसी वजह से इनकी दोस्ती मजबूत नहीं हो पाई लेकिन IAS Officer के गाजीपुर ट्रांसफर होने के बाद उनकी पुरानी दोस्ती एक बार फिर परवान चढ़ी और वह विवाह के बंधन में बदल गई है।


बतादें कि इस शादी को लेकर सोशल साइट्स पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि लड़की फरियादी है लेकिन पत्रिका टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो यह गलत निकला, बल्कि यह लड़की डीएम की पुरानी दोस्त है। जिसकी सच्चाई हम आपको बताते हैं।

दिल्ली में हुई थी IAS Officer Sanjay khatri and Vijay Laxmi की मुलाकात
राजस्थान के जयपुर निवासी संजय खत्री और विजय लक्ष्मी से उनकी मुलाकात दिल्ली में हुई थी। गाजीपुर से इंटर की पढ़ाई के बाद विजय लक्ष्मी सिविल सर्विसेज (Civil Services) की तैयारी करने दिल्ली गई थी। जिस क्लास में विजय लक्ष्मी जाती थी, वहीं संजय खत्री भी परीक्षा की तैयारी में लगे थे। वहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई। लेकिन विजय लक्ष्मी परीक्षा में सफल न होने के कारण वापस गाजीपुर लौट आईं जबकि संजय कुमार खत्री सिविल सर्विसेज की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ट्रेनिंग में चले गए। उसके बाद इनकी दोस्ती वहीं खत्म हो गई। सात साल के बाद एक बार फिर दोनों का आमना-सामना हुआ। इस बार की हुई इस मुलाकात ने अचानक पुरानी यादें ताजा कर दी और यहां से मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ दिन पहले ही संजय खत्री का गाजीपुर से रायबरेली तबादला कर दिया गया, मगर इस बीच भी मुलाकात का सिलसिला जारी रहा। 19 नवंबर को संजय खत्री ने विजय लक्ष्मी से दिल्ली में शादी कर ली। जिसके बाद सोशल साइट्स पर जिलाधिकारी के इस कदम को लोगों ने काफी प्रशंसा की। यह भी कहा जा रहा है कि इस डीएम ने लोगों के लिए प्रेरणा का काम किया है।


2010 बैच के IAS Officer हैं संजय खत्री, कई मामलों को लेकर पहले से हैं चर्चा में
राजस्थान के जयपुर निवासी संजय खत्री 2010 बैच के IAS Officer हैं। आईएएस अधिकारी संजय खत्री इससे पहले भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। बतौर प्रशिक्षु अफसर जालौन में बसपा सरकार के कार्यकाल में उन्होंने खनन सिंडिकेट पर छापेमारी की थी। यह सिंडिकेट शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा से जुड़ा हुआ था। इसके बाद गाजीपुर में तैनाती के दौरान मंत्री ओमप्रकाश राजभर के निशाने पर भी रहे थे। मंत्री ने संजय खत्री के तबादले की मांग को लेकर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था । इस मामले में सीएम योगी को हस्तक्षेप करना पड़ा था, हालांकि बाद में इनका तबादला रायबरेली कर दिया गया।

कुछ ऐसा है विजय लक्ष्मी का परिवार
विजयलक्ष्मी गाजीपुर जिले के चीतनाथ जेरे किला मोहल्ले की रहने वाली हैं। विजयलक्ष्मी के पिता रामजी वर्मा का निधन हो चुका है। इनके 3 भाई और 2 बहनें हैं। लुदर्स कांवेंट इंटर कॉलेज से इंटर करने के बाद ये आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं।

पहले से ढूंढा जा रहा था विजयलक्ष्मी IAS officer
विजयलक्ष्मी के भाई रंजीत ने पत्रिका टीम से बताया कि पहली बात जिस लड़की को साधारण परिवार की लड़की बताई जा रही है, वह परिवार संपन्न है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह अपने परिवार की लड़की के लिए पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा ( Indian Administrative Service) अधिकारी ढूंढ़ रहे थे और इसको लेकर वह कई IAS अधिकारियों के पास शादी का प्रस्ताव लेकर गये थे। वहीं एक और बात जो सामने आई है, उसके मुताबिक इस शादी के लिए दोनों परिवारों में सहमति थी और लड़की के परिवार वालों ने बड़े होटल में शादी कराई। शादी समारोह का भव्य आयोजन भी इस शादी को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है ।

विजय लक्ष्मी के लिए आए थे 20 से अधिक रिश्ते
विजयलक्ष्मी के भाई ने पत्रिका टीम को बताया कि बहन के लिए 20 से अधिक रिश्ते आए थे। लेकिन विजयलक्ष्मी के एकॉर्डिंग लड़का यानि IAS ही खोज रहे थे। बहन से DM की शादी को कुछ लोग लव मैरिज बताकर अफवाह फैला रहे हैं। जबकि सच ये है कि दोनों पक्ष के परिवारवालों की सहमति से अरेंज मैरिज हुई। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।