16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IIT BHU की बड़ी उपलबधि, मिला विश्व में छठवां स्थान

IIT BHU को सभी आईआईटी के बीच ‘साइटेशन पर फ़ैकल्टी (सीपीएफ)’ मानदंड के आधार पर विश्व रैंकिंग में छठवां स्थान मिला है। इस मौक पर संस्थान के निदेशक प्रो प्रमोद कुमार जैन ने संकाय सदस्यों को शोध के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए बधाई दी, जिसने संस्थान को विश्व स्तर पर यह मुकाम हासिल करने में सक्षम बनाया।

less than 1 minute read
Google source verification
IIT BHU की बड़ी उपलब्धि, मिला विश्व में छठवां स्थान

IIT BHU की बड़ी उपलब्धि, मिला विश्व में छठवां स्थान

वाराणसी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) को क्यूएस (क्वाक्वेरेली साइमंड्स) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पहली बार स्थान दिया गया है। संस्थान को केंद्रित विषय क्षेत्रों जैसे इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 'अति उच्च शोध आधिक्य संस्थान' के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग मूल्यांकन आठ रैंकिंग सूचकों पर आधारित है मसलन शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, प्रति संकाय उद्धरण, छात्र अनुपात के लिए संकाय, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का अनुपात।

संस्थान को 651-700 के स्लैब में स्थान

हाल में जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2023 में संस्थान को 651-700 के स्लैब में स्थान दिया गया है। साथ ही संस्थान 'प्रति संकाय उद्धरण (सीपीएफ) ' मानदंड के तहत विश्व स्तर पर 115 वें स्थान पर है जो संस्थान का सबसे मजबूत रैंकिंग है। आईआईटी बीएचयू ने इस शोध पैरामीटर (CPF) पर सभी आईआईटी के बीच छठवां स्थान हासिल किया है।

निदेशक ने दी बधाई

इस उपलबधि पर संस्थान के निदेशक प्रो प्रमोद कुमार जैन ने संकाय सदस्यों को शोध के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संगठनों के साथ कई शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोगी गतिविधियों की शुरुआत की है और भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक रैंकिंग में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करना जारी रखेगा। संस्थान के अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. विकास कुमार दूबे ने भी संस्थान के सभी सहयोगियों को बधाई दी है। प्रो. विकास दूबे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगली बार संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन के नेतृत्व में शुरुआत की गई नए पहल के कारण अगली बार बेहतर रैंकिंग होगी ।