13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिर गर्म हुआ बीएचयू का माहौल, IIT BHU ने जारी किया नोटिस, छात्राओं में आक्रोश

सितंबर 2017 की घटना की बरसी मानने के आरोप में बीएचयू प्रशासन की सलाह पर आईआईटी ने जारी किया है नोटिस।

2 min read
Google source verification
BHU

BHU

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में फिर से अशांति की आशंका बलवती होने लगी है। कारण आईआईटी बीएचयू द्वारा छात्राओं को जारी किया गया नोटिस है। नोटिस मिलने के बाद छात्राओं में आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को बाध्य होंगी।

बता दें कि गत वर्ष यानी 21 से 23 सितंबर 2017 के दौरान छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के ठीक साल भर बाद 23 सितंबर 2018 को बीएचयू परिसर की छात्राओं ने बरसी मनाई। इसके तहत विश्वनाथ मंदिर और महिला महाविद्यालय गेट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उस दौरान भी हंगामा हुआ। छात्राओं का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर कुछ छात्रों ने न केवल उनके सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की बल्कि छात्राओं के साथ बदसलूकी भी की। यह मामला भी काफी तूल पकड़ा था। छात्राओं ने इस बार भी छात्रों और प्राक्टोरियल बोर्ड के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।

उस घटना में आईआईटी की भी दो छात्राएं थीं। बताया जाता है कि इसका पता चलते ही बीएचयू प्रशासन ने आईआईटी प्रशासन से इन छात्राओं के विरुद्ध एक्शन लेने को कहा था। घटना सितंबर 2018 की है लेकिन उस पर अब जा कर आईआईटी प्रशासन ने दो छात्राओं को नोटिस जारी कर दिया है। इसे लेकर आईआईटी की छात्राओं और छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आइआइटी प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।

आईआईटी सिरेमिक इंजीनियरिंग की छात्रा वंदना कुमारी और मेकेनिकल इंजीनियरिंग की कुमारी इश्पिता का कहना है कि पिछले साल हुई घटना की बरसी पर महिला महाविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा था। इसे लेकर बीएचयू ने आइआइटी प्रशासन को पत्र लिखा था। इसके बाद 24 नवंबर को आइआइटी की स्टैंडिंग डिसिप्लीनरी कमेटी से उनको नोटिस जारी कर 29 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है।

छात्राओं ने बताया कि आईआईटी प्रशासन ने इससे पहले भी तुगलगी फरमान जारी करते हुए छात्र-छात्राओं के लोकतांत्रिक अधिकार (धरना-प्रदर्शन) पर रोक लगा दी थी। दोनों छात्राओं ने चेताया है कि अगर नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वह फिर से आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगी। ऐसे में एक बार फिर बीएचयू में छात्र आंदोलन की आशंका बलवती होती दिखने लगी है।

नोटिस मिलने के बाद वंदना और इश्पिता के साथ अन्य छात्राओं का कहना है कि हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और हमसे हमारा हक़ छीना जा रहा है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम छात्राएं है और हमारे आचरण पर सवाल उठाना सरासर गलत है। कहा कि इस नोटिस का वे विरोध करती हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि इस नोटिस के लिए बीएचयू प्रबंधन को हमसे माफ़ी मांगनी होगी।

दूसरी तरफ बीएचयू की प्रॉक्टर रोयना सिंह का कहना है की 23 सितंबर को बिना अनुमति बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर और महिला महाविद्यालय पर कुछ कविताएं पढ़ी गई थीं। इसके अलावा कई और ग्रुप ने कविताएं पढ़ी। उस दौरान आराजकता हुई तब कई लडकियां सामने आईं। मैने जब जांच की तो पाया की,आईआईटी की लड़कियों ने बीएचयू परिसर में आकर उतेजित भाषण दिए थे। इसी भाषण के वीडियो पर लडकियों को स्टैंडिंग डिसिप्लिनरी कमेटी की बैठक में बुलाया गया है और जो भी फैसला होगा उसे लडकियों को सुनाया जाएगा। किसी भी कीमत पर हम आराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे।