
आईआईटी बीएचयू में उद्यमिता उत्सव- ई-समिट 22
वाराणसी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) में 5 से 13 अप्रैल तक वार्षिक उद्यमिता उत्सव, ई-समिट 22’ का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन ऑनलाइन होगा। आईआईटी (बीएचयू) के छात्रों द्वारा संचालित इस आयोजन के इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय ’वेंचर्स ऑफ वेरसिटी’ (सत्यता के उपक्रम) है, जो साहसी युवा उद्यमियों के लिए उत्कृष्टता और विशिष्टता की खोज में अनछुए रास्तों पर प्रयास करने का प्रयास है। इस सम्मेलन में पिंचिंग डेमो डेज, बी-प्लान प्रतियोगिताएं, कई अपस्किलिंग वर्कशॉप, केस स्टडीज, मॉक ट्रेडिंग, डिबेट, क्विज, फन एक्टिविटीज, और कई और रिफ्रेशिंग इवेंट्स शामिल हैं।
युवा उद्यमी, उद्योग जगत के लीडर्स, उत्साही छात्र ले सकेंगे भाग
इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्थान के टेक्नॉलजी इनोवेशन व इनोवेशन सेंटर के समन्वयक प्रो रजनीश त्यागी ने बताया कि इस शिखर सम्मेलन में निवेशकों, नए जमाने के युवा उद्यमियों, उद्योग जगत के लीडर्स, उत्साही और अकादमिक समुदाय (छात्र) के लिए विभिन्न प्रकार के उद्यम-उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सम्मेलन में पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 मार्च। बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी http://events.ecelliitbhu.com लिंक को क्लिक कर ई-शिखर सम्मेलन 22 के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
उद्यमी से विद्यार्थी तक के लिए समान अवसर
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन को इस प्रकार संरचित किया गया है कि जिसमें अनुभवी उद्यमियों से लेकर नवोदित शिक्षार्थियों को अपनी योग्यता दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित पूंजीपतियों और एंजेल निवेशकों के साथ शार्क टैंक आईआईटी(बीएचयू) कार्यक्रम का आयोजन होगा, जो 16 चुनिंदा स्टार्टअप को और पोषित करने के लिए लगभग 10 करोड़ रूपये निवेश करेंगे। ’ई-समिट 22’ के शीर्ष प्रायोजक के रूप में ’वेस्टब्रिज कैपिटल’ और आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में एनसीएल आईआईटी (बीएचयू) इनक्यूबेशन सेंटर और आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन जो पूरे शिखर सम्मेलन के सह-प्रस्तुतकर्ता प्रायोजक हैं। इस सम्मेलन को प्रो. विकास कुमार दुबे, डीन (आर एंड डी) और प्रो. आरके सिंह, समन्वयक आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन का मार्गदर्शन भी प्राप्त है।
कोरोना महामारी के दौरान भारतीय उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र में एक बड़ा उछाल देखा गया
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस यानी 16 जनवरी 2022 के अवसर पर स्टार्ट-अप को नए भारत की ’रीढ़ की हड्डी’ और स्वतंत्रता के 100वें वर्ष के लिए देश के आर्थिक विकास को शक्ति प्रदान करने वाला इंजन करार दिया था। इस महामारी की अवधि के दौरान भारतीय उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र में एक बड़ा उछाल देखा गया है। उद्योग और व्यापार सवंर्धन विभाग द्वारा 2021 तक 50 हजार से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है और 90 से अधिक स्टार्टअप यूनिकार्न क्लब में शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि संस्थान के विशिष्ट पूर्व छात्र और यूएस स्थित क्लाउड-आधारित सूचना सुरक्षा फर्म ’जीस्केलर’ के संस्थापक और सीईओ जय चौधरी ने आईआईटी (बीएचयू) फाउंडेशन को उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करने के लिए 1 मिलियन डॉलर का दान दिया है।
उद्यमिता और स्टार्ट-अप भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य के निर्माण खंड
प्रो. विकास कुमार दुबे, डीन (आर एंड डी), आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी का विचार है कि उद्यमिता और स्टार्ट-अप भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य के निर्माण खंड हैं, और संस्थान किसी भी गतिविधियों और त्योहारों को बढ़ावा देने में छात्रों के लिए सहायक है। आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन के समन्वयक और आईईईई के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राजीव कुमार सिंह आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में डेटा एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजीज को लागू करने में निकटता से शामिल हैं। आई-डीएपीटी हब ई-शिखर सम्मेलन में शामिल डीएपीटी-उन्मुख प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस तरह के नवाचारों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इनक्यूबेट कर रहा है और उनका समर्थन कर रहा है।
Published on:
17 Mar 2022 04:18 pm
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