प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इन दिनों रिकार्ड बनाने का दौर चल रहा है। पहले पीएम मोदी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की टीम ने दिव्यांगों को उपकरण बांटने का विश्व रिकार्ड बनाया। ऐसे में आईआईटी बीएचयू के छात्र क्यों कर पीछे रहते। उन्होंने भी ठाना एक कीर्तिमान बनाने का और उसे करके दिखाया। भले ही इन छात्रों ने राज्य स्तरीय रिकार्ड बनाया है। पर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में महामना के सामाजिक सरोकारों के पाठ को स्मरण करते हुए उसे मूर्त रूप दिया है इन छात्रों ने। इसके लिए वे लगातार प्रयत्न करते रहे। अंततः परिणाम उनके पक्ष में रहा।
जानें क्या है रहा रिकार्ड और अब क्या बना
आईआईटी बीएचयू के फार्मास्यूटिकल्स विभाग के वार्षिकोत्सव स्पिरिट को इन छात्रों ने दी नई शक्ल। बनाई अपनी नई पहचान। बतादें कि छात्रों ने स्पिरिट के तहत स्वास्थ्य हित सप्ताह मनाने का निश्चय किया था। इसके अंतर्गत छात्रों ने दो दिवसीय रक्तदान शिविर आयोजित किया। पहले दिन शनिवार को कुल 314 यूनिट बल़्ड एकत्र हुआ था जबकि आईआईटी बीएचयू के ही छात्रों ने 2012 में 496 यूनिट ब्लड एकत्र कर प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अब इन छात्रों का जुनून था कि पुराने रिकार्ड को ध्वस्त करना है। इसी सोच के साथ रविवार को शिविर के दूसरे दिन जब वे इकट्ठा हुए तो बस एक ही जुनून था कि कैसे करके पुराने रिकार्ड को तोड़ा जाए। इसके लिए काशी उत्कर्ष (आईआईटी समाजसेवी छात्र संगठन) और ब्लड कनेक्ट के सहयोग से स्पिरिट ने 653 यूनिट बल्ट एकत्र किया। इसके साथ ही पुराना रिकार्ड ध्वस्त करते हुए प्रदेश के लिए ब्लड डोनेशन का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस रक्तदान शिविर के महायोजन में सरसुंदर लाल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने भी सहयोग किया।
रिकार्ड की इस तरह की थी तैयारी
आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने बीते सप्ताह को स्वास्थ्य हित सप्ताह के रूप में मनाया। इसके अंतर्गत अनेक जागरूकता अभियान चलाए गए। नुक्कड़ नाटक हुआ, छात्रावासों में जा कर छात्र-छात्राओं को जगाया गया। महायोजन के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया जिसमें होम्योपैथी, फजियोथिरैपी, एक्वाप्रेशर, नैचुरोथिरैपी के अलावा आंख, कान की जांच हुई। इन सब में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। साथ ही मेस में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग दिया।
शिविर में इनका रहा विशेष योगदान
इस रक्तदान शिविर में प्रो. एसके सिंह, डॉ.एसके मिश्र, डॉ.एएन साहू के अलावा छात्रों में अभिषेक गजराज, प्रयांशु आदित्य, अंकुर शर्मा, दिनेश सीखी, प्रियांशु बजिया, सेजल कुमार, शुभम आदि।