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IIT BHU के प्रोफेसर को फिर बुलाया मेडिकल के लिए, प्रोफेसर ने दी कोर्ट जाने की धमकी

जानें क्या है मामला, कौन है ये प्रोफेसर, क्यों जा रहे कोर्ट.....

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Ajay Chaturvedi

Apr 30, 2016

MANISH

MANISH

वाराणसी. आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर संस्थान के निदेशक एवं आईआईटी के गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन व बीएचयू के कुलपति के विरुद्ध खोला है मोर्चा। लगा रहे हैं प्रताड़ित करने का आरोप। भले चंगे प्रोफेसर को आईआईटी बीएचयू पागल घोषित करने पर तुला है। पूर्व में तीन बार उन्हें बुलाया जा चुका है मेडिकल टेस्ट के लिए। दो बार हो चुका है मेडिकल टेस्ट। फिर निदेशक आईआईटी की ओर से भेजा गया है चौथे मेडिकल टेस्ट का बुलावा। ऐसे में आजिज प्रोफेसर ने उच्च न्यायालय में जाने का फैसला किया है।

मेधावी प्रोफेसर को पागल घोषित करने की कोशिश
आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष कुमार का आरोप है कि जनजाति का होने के नाते उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। यह सिलसिला 2004 से शुरू हुआ जो अब तक बदस्तूर जारी है। पत्रिका संवाददाता से बातचीत में डॉ. मनीष ने बताया कि अब तक दो बार मेरा मेडिकल हो चुका है। मेडिकल टेस्ट सरसुंदर लाल चिकित्सालय के पूर्व निदेशक प्रो.केके गुप्ता की मौजूदगी में मनोचिकित्सक प्रो. संजय गुप्ता ने किया। बताया कि उन्होंने मेडिकल टेस्ट के दौरान मैने वीडियोग्राफी कराने की मांग की, लीगल एडवाइजर को ले जाने की मांग की। इसके लिए आईआईटी गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन व कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी तक से याचना की मगर कोई जवाब नहीं मिला। दो बार मेडिकल टेस्ट हुआ उसकी रिपोर्ट मांगी वह भी नहीं दी गई। अब चौथी बार फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि बीएचयू परिसर स्थित उनके आवास पर आईआईटी प्रशासन की शह पर गालियां लिखी गई हैं। मेरे नितांत निजी मामलों को लेकर मुझे मानसिक प्रताड़ना देने का प्रयास किया गया है।

राष्ट्रपति से लगायत मानवाधिकार आयोग तक को भेजा पत्र
डॉ. मनीष ने आईआईटी बीएचयू द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के बाबत शुक्रवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग, वीसी बीएचयू, निदेशक आईआईटी, रजिस्ट्रार आईआईटी बीएचयू को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में कहा कि इस पूरे प्रकरण पर उन्होंने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता से बात कर ली है। आठ मई के बाद वह उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।

क्या कहते हैं सरसुंदर लाल चिकित्सालय के अधीक्षक
सरसुंदर लाल चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने पत्रिका से बातचीत में यह स्वीकार किया कि डॉ. मनीष के साथ कुछ विभागीय खेल चल रहा है। लेकिन इस बार वह खुद इस पूरे प्रकरण को निबटाएंगे। किसी को बिना वजह प्रताड़ित करना ठीक नहीं। इस संबंध में आईआर्ईटी के निदेशक से संपर्क करने की कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो सका।

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