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पटना की गलियों में अब नहीं दिखेंगे झूलते तार और खंभे, जमीन के अंदर से बिजली सप्लाई करेगी नीतीश सरकार

Bihar Cabinet: मंगलवार को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में पटना में अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई सिस्टम के लिए कुल 653 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 13, 2026

बिजली तारों के जालों से मिलेगा छुटकारा, अगले तीन साल में अंडरग्राउंड केबलिंग, लोगों को मिलेगी राहत

Bihar Cabinet: पटना के लोगों को जल्द ही बिजली के झूलते तारों, भारी-भरकम खंभों और बार-बार बिजली कटौती से राहत मिलेगी। बिहार कैबिनेट ने राजधानी में बिजली सप्लाई सिस्टम को पूरी तरह से मॉडर्न बनाने और अंडरग्राउंड केबलिंग के जरिए बिजली देने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।

653 करोड़ का 'अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक मॉडल' मंज़ूर

रिवाइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत, पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (PESU) के 13 डिवीजनों में बिजली सप्लाई को अंडरग्राउंड करने और SCADA-DMS सिस्टम लागू करने के लिए कुल 653 करोड़ रुपये का बजट मंज़ूर किया गया है। इसमें से, 9 डिवीजनों में अंडरग्राउंड केबलिंग और SCADA सिस्टम के काम के लिए 576.74 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जबकि बाकी 4 डिवीजनों में SCADA के लिए 76.26 करोड़ मजूर किए गए हैं।

पटना में नया बिजली सप्लाई मॉडल कैसे काम करेगा?

अभी, पटना की सड़कों, मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर घरों में बिजली ओवरहेड तारों और खंभों के जरिए सप्लाई की जाती है। इस मॉडल में, तारों का टूटना, बार-बार फॉल्ट होना और तूफान के दौरान बिजली कटना आम बात है। नए सिस्टम में, घरों में बिजली अंडरग्राउंड केबल्स के जरिए सप्लाई की जाएगी, जिससे तूफान का असर कम होगा, शहर की सुंदरता बढ़ेगी, सड़कों से तारों और खंभों का जाल खत्म होगा, बिजली चोरी की संभावना कम होगी और फॉल्ट का पता लगाना आसान हो जाएगा।

स्मार्ट मोड में होगा मेंटेनेंस

SCADA-DMS सिस्टम लागू होने के बाद, बिजली सप्लाई नेटवर्क की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी, जिससे फॉल्ट ट्रैक करना और कंट्रोल रूम का काम कई गुना तेज हो जाएगा। इसके लागू होने से, पटना उन भारतीय शहरों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा जहां अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई नेटवर्क है, जैसे चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद और चंडीगढ़।

पटना के किन इलाकों में सबसे पहले काम शुरू होगा?

मंजूर प्लान के मुताबिक, अंडरग्राउंड केबलिंग का पहला फेज शहर के 9 डिवीजनों में लागू किया जाएगा। SCADA सिस्टम बाकी 4 डिवीजनों दानापुर, खगौल, गुलजारबाग और कंकड़बाग-2 में लागू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा पूरा किया जाएगा।

SCADA क्या है?

SCADA का मतलब सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन है। यह एक ऑटोमेटेड सिस्टम है जिसका इस्तेमाल पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में रियल-टाइम मॉनिटरिंग, कंट्रोल और डेटा इकट्ठा करने के लिए किया जाता है। SCADA सिस्टम बिजली के उपकरणों (जैसे ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर और सबस्टेशन) से डेटा इकट्ठा करता है और उसे एक सेंट्रल कंट्रोल रूम में भेजता है। इससे फॉल्ट का जल्दी पता लगाने, बिजली कटौती कम करने, वोल्टेज की स्थिरता बनाए रखने और नेटवर्क की एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिलती है।