
Gynecologist Dr. Aarti Dibya
वाराणसी. भारत में प्रति वर्ष एक लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीडि़त हो रही है, जिसमे से ६७ हजार महिलाओं की मौत तक हो रही है। इस खतरनाक बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता की बहुत कमी है। शनिवार को एक होटल में वी होप टू स्टॉप सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान की शुरूआत की गयी।
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वात्सल्य अस्पताल की गाइनेकोलॉजिस्ट डा. आरती दिब्या ने कहा कि हम सभी बीडी-इंडिया के वी होप टू स्टॉप सर्वाइकल कैंसर अभियान का समर्थन करते हैं। इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता की बेहद कमी है। बीमारी की समय पर जांच व उपचार बहुत जरूरी है। समय के साथ मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है, जिससे कैंसर की जांच सटीक व आसान हुई है। उन्होंने कहा कि लिक्विड बेस्ड साइटोलॉजी (एलबीसी) जैसी तकनीक से सर्वाइकल कैंसर का समय पर पता चल जाता है। ऐसे में लोगों को इस बीमारी के प्रति सजग रहते हुए समय पर अपनी जांच करानी चाहिए। बीडी इंडिया के साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक पवन मोचेरला ने कहा कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का जल्द पता चल जाये तो इलाज आसान हो जाता है। संस्था का उद्देश्य इस बीमारी के प्रति सभी को सजग करना है। ताकि अधिक से अधिक लोगों को बीमारी की भयावता का पता चल सके। आधुनिक जीवन शैली ने तेजी से इस बीमारी का प्रसार किया है। मोबाइल का झुक कर अत्यधिक प्रयोग करना भी सर्वाइकल कैंसर को न्यौता देना है। यदि किसी को लंबे समय तक सर्वाइकल की समस्या है तो उसे अपनी पूरी जांच करानी चाहिए। इससे कैंसर होने से पहले ही बीमारी पकड़ में आ जायेगी।
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Published on:
01 Feb 2020 05:32 pm
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